Char Dham Yatra 2026: उत्तराखंड में इस साल की चारधाम यात्रा के लिए तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। यात्रा की शुरुआत 19 अप्रैल 2026 को अक्षय तृतीया के दिन होगी, जब गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इन धामों की यात्रा को सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पहले से ही शुरू हो चुकी है, और अब ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा भी शुरू हो गई है।
ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया
चारधाम यात्रा के लिए ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन 17 अप्रैल 2026 से हरिद्वार के ऋषिकुल मैदान में शुरू हो गए हैं। सुबह के पहले दो घंटों में ही करीब 150 श्रद्धालुओं ने रजिस्ट्रेशन कराया। हालांकि, इस वर्ष ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन मार्च के पहले हफ्ते से ही शुरू हो गया था और लाखों श्रद्धालु घर बैठे अपना रजिस्ट्रेशन कर चुके थे। ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए उन श्रद्धालुओं को यह सुविधा दी गई है जो ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन नहीं कर पाए।
रजिस्ट्रेशन क्यों है जरूरी?
उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा को अधिक सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से रजिस्ट्रेशन को अनिवार्य कर दिया है। बिना रजिस्ट्रेशन के यात्रियों को धामों में प्रवेश नहीं मिलेगा। प्रत्येक श्रद्धालु को यात्रा के दौरान एक QR कोड वाला पास दिया जाएगा, जिससे यात्रा के दौरान भीड़ प्रबंधन आसान होगा और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।
कहाँ और कैसे करें रजिस्ट्रेशन?
श्रद्धालुओं के लिए हरिद्वार के ऋषिकुल मैदान में रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था की गई है, जहां 20 काउंटर बनाए गए हैं। यह प्रक्रिया तीन शिफ्ट में 24 घंटे चलेगी। इसके अलावा, ऋषिकेश, देहरादून (विकास नगर) और अन्य प्रमुख स्थानों पर भी रजिस्ट्रेशन की सुविधा उपलब्ध है। रजिस्ट्रेशन के लिए श्रद्धालुओं को आधार कार्ड और फोटो आईडी जैसे पैन कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस की जरूरत होगी। रजिस्ट्रेशन काउंटर पर बैठने के लिए अच्छी व्यवस्था, पीने का पानी, कूलर और पंखों की सुविधा दी गई है। इसके अलावा, गाइड टीम यात्रियों को हर प्रकार की मदद उपलब्ध कराएगी।
चारधाम यात्रा का क्या है शेड्यूल
चारधाम यात्रा के लिए प्रमुख धामों के कपाट खुलने की तारीखें इस प्रकार हैं:
यमुनोत्री धाम- 19 अप्रैल 2026
गंगोत्री धाम- 19 अप्रैल 2026
केदारनाथ धाम- 22 अप्रैल 2026
बद्रीनाथ धाम- 23 अप्रैल 2026
सुरक्षा के खास इंतजाम
यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए पुलिस और प्रशासन ने खास इंतजाम किए हैं। यात्रा मार्ग पर 7 सीजनल पुलिस चौकियां और 10 टूरिस्ट पुलिस केंद्र स्थापित किए गए हैं। साथ ही, वाटर रेस्क्यू के लिए एनडीआरएफ की एक और एसडीआरएफ की दो टीमें तैनात की गई हैं। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा है कि यात्रा शुरू होने तक ट्रैफिक संबंधी सभी समस्याओं को हल कर लिया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि पंजीकरण प्रक्रिया को अधिक आरामदायक और आसान बनाने के लिए सभी आवश्यक उपाय किए गए हैं।
यात्रियों के लिए सुविधाएं
चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए समुचित सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। रजिस्ट्रेशन के बाद यात्रा को लेकर किसी भी प्रकार की परेशानी से बचने के लिए प्रशासन ने हर संभव तैयारी की है। उम्मीद की जा रही है कि इस साल की यात्रा पहले से कहीं अधिक सुरक्षित और सुव्यवस्थित होगी।
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