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24 घंटे में होर्मुज से गुजरे 20 से ज्यादा जहाज, फर्जी निकले नाकेबंदी पर ट्रंप के दावे?

US-Iran Tensions: मध्य पूर्व में तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका द्वारा लागू किए गए नौसैनिक ब्लॉकेड का असर पहले ही दिन साफ दिखाई देने लगा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले 24 घंटों में ईरान के किसी भी बंदरगाह से एक भी जहाज बाहर नहीं निकला, जबकि कई जहाजों को बीच रास्ते से ही लौटना पड़ा।

अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही जारी

हालांकि इस पूरे घटनाक्रम के बीच अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात सामान्य बना हुआ है। पिछले 24 घंटों में 20 से अधिक कमर्शियल जहाज इस जलमार्ग से बिना किसी रुकावट के गुजर चुके हैं। इससे साफ है कि अमेरिका का यह कदम केवल ईरान से जुड़े जहाजों को निशाना बना रहा है, जबकि अन्य देशों के लिए रास्ता खुला रखा गया है।

ब्लॉकेड का तुरंत असर

बताया जा रहा है कि अमेरिकी चेतावनी के बाद करीब छह व्यापारिक जहाज अपने मार्ग से वापस लौट गए। यह घटनाक्रम इस बात का संकेत है कि बिना सीधे सैन्य टकराव के ही अमेरिका ने ईरान पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। खास बात यह रही कि इस दौरान एक भी गोली नहीं चली और किसी तरह की सैन्य कार्रवाई की जरूरत नहीं पड़ी। विशेषज्ञ इस रणनीति को “साइलेंट प्रेशर” बता रहे हैं, जिसमें ताकत का प्रदर्शन तो होता है, लेकिन सीधी भिड़ंत से बचा जाता है। इससे विरोधी देश को बिना युद्ध के ही पीछे हटने के लिए मजबूर किया जा सकता है।

ट्रंप ने किया बड़ा दावा

इस बीच डोनाल्ड ट्रंप ने इस ऑपरेशन को बड़ी रणनीतिक सफलता करार दिया है। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि अगर यह कदम नहीं उठाया जाता, तो ईरान के पास अब तक परमाणु हथियार हो सकता था। जब उनसे पूछा गया कि क्या जंग खत्म हो गई है, तो उन्होंने कहा कि “मुझे लगता है कि यह अब खत्म होने के बहुत करीब है।” Fox News के साथ बातचीत में ट्रंप ने निजी तौर पर यह भी संकेत दिया कि जंग लगभग समाप्त हो चुकी है, हालांकि सार्वजनिक बयान में उन्होंने इसे “करीब खत्म” बताया। इससे यह स्पष्ट होता है कि स्थिति अभी पूरी तरह स्थिर नहीं हुई है।

ईरान का सतर्क रुख

इस पूरे घटनाक्रम में ईरान ने फिलहाल संयम दिखाया है और सीधे टकराव से बचने का रास्ता अपनाया है। जहाजों का वापस लौटना इस बात का संकेत है कि तेहरान फिलहाल हालात को और बिगाड़ना नहीं चाहता। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति लंबे समय तक स्थिर नहीं रह सकती। आने वाले दिन बेहद अहम होंगे, जब यह तय होगा कि ईरान इस दबाव को स्वीकार करता है या फिर कोई बड़ा जवाबी कदम उठाता है।

आने वाले दिनों पर टिकी नजर

अगर ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में अपनी पकड़ मजबूत करने या अमेरिकी जहाजों को चुनौती देने की कोशिश की, तो हालात फिर से तनावपूर्ण हो सकते हैं। फिलहाल, बिना युद्ध के ही यह रणनीतिक दबाव क्षेत्रीय राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकता है।

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Yogita Tyagi
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योगिता त्यागी एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, मनोरंजन, धर्म और लाइफस्टाइल विषयों में विशेष रुचि है। वर्तमान में वह Mhone News के राजनीतिक, धर्म और मनोरंजन सेक्शन के लिए सक्रिय रूप से लेखन कर रही हैं। डिजिटल मीडिया में तीन वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्होंने अपने करियर में कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों- जैसे दैनिक भास्कर, पंजाब केसरी, इंडिया डेली लाइव और ITV नेटवर्क में योगदान दिया है। योगिता ने गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (GGSIPU) से मास कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है, जिसने उनके डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में गहन, प्रभावशाली और विश्वसनीय लेखन की मजबूत नींव रखी है।
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