कानपुर में अदालत के आदेशों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ पुलिस(Kanpur Police) ने बड़ा और संगठित अभियान चलाते हुए कड़ा एक्शन लिया है। शहर के अलग-अलग थानों की संयुक्त टीमों ने अचानक छापेमारी कर ऐसे लोगों को पकड़ा, जो लंबे समय से कोर्ट में पेश नहीं हो रहे थे। इस कार्रवाई में कुल 68 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें 12 महिलाएं भी शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, ये सभी आरोपी अदालत द्वारा जारी समन और वारंट के बावजूद लगातार हाजिर नहीं हो रहे थे। इनके खिलाफ नॉन-बेलेबल वारंट (NBW) जारी थे, लेकिन इसके बावजूद ये लोग कानूनी प्रक्रिया से बचते रहे, जिससे कई मामलों की सुनवाई प्रभावित हो रही थी।
अलग-अलग इलाकों में की गई छापेमारी
शनिवार को चलाए गए इस विशेष अभियान में एक दर्जन से अधिक थानों की पुलिस टीमों को एक साथ सक्रिय किया गया। अलग-अलग इलाकों में की गई इस छापेमारी के दौरान पुलिस ने वांछित आरोपियों को उनके ठिकानों से पकड़ लिया। अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार किए गए लोगों में करीब 90 प्रतिशत आरोपी NBW के तहत वांछित थे।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने सभी आरोपियों को एक साथ कार्यालय में प्रस्तुत कर एक प्रतीकात्मक व्यवस्था भी बनाई, जिसमें कानून के घेरे को दर्शाया गया। इसका उद्देश्य यह संदेश देना था कि अदालत के आदेशों की अनदेखी कर बच निकलना संभव नहीं है।
जानबूझकर अदालत में नहीं हो रहे थे पेश
DCP साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि इन आरोपियों को कई बार समन भेजे गए थे, लेकिन वे जानबूझकर अदालत में पेश नहीं हो रहे थे। उन्होंने कहा कि न्यायालय के निर्देशों के पालन और मामलों की सुनवाई को आगे बढ़ाने के लिए यह कार्रवाई जरूरी थी। पुलिस ने सभी गिरफ्तार आरोपियों को आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत जेल भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
साथ ही यह भी स्पष्ट किया है कि जो लोग अभी भी फरार हैं, उनकी गिरफ्तारी के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा। इस कार्रवाई को कानून व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक सख्त संदेश माना जा रहा है कि अब अदालत के आदेशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।