हिमाचल प्रदेश के पर्यटन शहर कुल्लू से एक चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां जल शक्ति विभाग की लापरवाही के चलते लोगों को दूषित पानी पीने को मजबूर होना पड़ रहा है। आखाड़ा बाजार इलाके में पेयजल पाइपलाइनें गंदी नालियों के बीच से गुजर रही हैं और कई जगहों पर लीकेज के कारण घरों तक मटमैला पानी पहुंच रहा है।
नालियों का पानी बन रहा जहर
वार्ड नंबर 2, आर्य समाज गली और इनर आखाड़ा बाजार में स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। नालियों के अंदर से गुजर रही पाइपों में रिसाव होने के कारण गंदा पानी सीधे सप्लाई में मिल रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पानी पीने लायक नहीं है और इसके सेवन से घर-घर में लोग बीमार पड़ रहे हैं।
पीलिया के मामले बढ़े
दूषित पानी के कारण इलाके में पीलिया के मामलों में तेजी आई है। स्थानीय निवासी क्षितिज सूद के अनुसार, केवल आर्य समाज गली में ही 8 से 10 लोग इस बीमारी की चपेट में आ चुके हैं। बच्चों और बुजुर्गों पर इसका असर अधिक देखा जा रहा है, जिससे लोगों में डर का माहौल है।
शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं
स्थानीय लोगों का आरोप है कि उन्होंने जल शक्ति विभाग को कई बार शिकायत दी, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लोगों की मांग है कि जिन क्षेत्रों में पाइपलाइन नालियों से गुजर रही हैं, उनकी तुरंत जांच कर लीकेज को ठीक किया जाए और स्थायी समाधान निकाला जाए।
बिल पूरा, पानी गंदा
एक अन्य निवासी राजन कुमार ने विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि विभाग पानी के बिल वसूलने में तो सक्रिय है, लेकिन साफ पानी उपलब्ध कराने में विफल रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो लोग सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
महामारी का खतरा बढ़ा
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो पीलिया के मामले और बढ़ सकते हैं और यह स्थिति गंभीर रूप ले सकती है। गर्मियों के मौसम में यह खतरा और बढ़ जाता है, जिससे स्वास्थ्य संकट गहरा सकता है।
प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग
स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभागों से अपील की है कि वे मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लें और जल्द से जल्द साफ पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करें। लोगों का कहना है कि यह समस्या अब सिर्फ असुविधा नहीं, बल्कि उनकी सेहत के लिए बड़ा खतरा बन चुकी है।
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