कई सालों से फरार चल रहा हरियाणा का कुख्यात अपराधी साहिल चौहान आखिरकार पुलिस के शिकंजे में आ गया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने इंटरपोल की मदद से उसे थाईलैंड से भारत वापस लाकर बड़ी सफलता हासिल की है।
कई राज्यों में सक्रिय था आरोपी
साहिल चौहान हरियाणा पुलिस के लिए लंबे समय से सिरदर्द बना हुआ था। उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती और अवैध हथियार रखने जैसे कई गंभीर मामले दर्ज हैं। वह NIA की वांटेड सूची में भी शामिल था बताया जाता है कि वह भुप्पी राणा गैंग का सक्रिय सदस्य था, जो हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ में आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है।
2017 की गैंगवार से जुड़ा मामला
इस मामले की शुरुआत साल 2017 में हुई थी, जब यमुनानगर के जगाधरी कोर्ट में पेशी के दौरान गैंगवार हुई थी। उसी दौरान साहिल चौहान ने मोनू राणा पर फायरिंग की थी। इस केस में उसे 10 साल की सजा सुनाई गई थी। हालांकि, जमानत मिलने के बाद वह देश छोड़कर फरार हो गया और विदेश में छिपकर रहने लगा। इसके बाद उसके खिलाफ इंटरपोल के जरिए रेड नोटिस जारी किया गया था।
बैंकॉक से हुई गिरफ्तारी
लंबे समय तक ट्रैकिंग के बाद उसकी लोकेशन बैंकॉक (थाईलैंड) में मिली, जहां से उसे गिरफ्तार किया गया। CBI, विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय के संयुक्त प्रयासों से 10 अप्रैल 2026 को उसे भारत लाया गया। दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचते ही हरियाणा पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। CBI के मुताबिक, इंटरपोल की मदद से पिछले कुछ वर्षों में 150 से अधिक फरार अपराधियों को भारत वापस लाया जा चुका है। साहिल चौहान की गिरफ्तारी को कानून-व्यवस्था के लिहाज से बड़ी सफलता माना जा रहा है। इससे साफ संदेश गया है कि देश छोड़कर भागने वाले अपराधी भी कानून से बच नहीं सकते।