राजस्थान के झुंझुनूं जिले के छोटे से गांव खेडारो की ढाणी से निकलकर 21 वर्षीय मुकुल चौधरी आज IPL में अपनी पहचान बना रहे हैं। लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए खेलते हुए उन्होंने हाल ही में शानदार प्रदर्शन कर टीम को जीत दिलाई और सुर्खियों में आ गए। उनकी यह सफलता सिर्फ क्रिकेट की कहानी नहीं, बल्कि संघर्ष, त्याग और अटूट विश्वास की मिसाल है।
पिता का सपना और संघर्ष
मुकुल के पिता दलीप चौधरी ने 2003 में ही ठान लिया था कि अगर बेटा हुआ तो उसे क्रिकेटर बनाएंगे। 2004 में मुकुल के जन्म के साथ यह सपना शुरू हुआ। दलीप ने राजस्थान प्रशासनिक सेवा की तैयारी की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद रियल एस्टेट में भी असफलता हाथ लगी, लेकिन उन्होंने बेटे के सपने को कभी नहीं छोड़ा।
घर बेचकर बनाया करियर
साल 2016 में बेहतर प्रशिक्षण के लिए मुकुल को सीकर की क्रिकेट अकादमी में दाखिला दिलाया गया। आर्थिक तंगी के बीच दलीप ने बड़ा कदम उठाते हुए अपना घर बेच दिया, जिससे उन्हें करीब 21 लाख रुपये मिले। यह पूरी रकम उन्होंने मुकुल के क्रिकेट करियर में लगा दी। बाद में होटल व्यवसाय शुरू करने के लिए कर्ज लिया, लेकिन हालात इतने बिगड़े कि उन्हें जेल तक जाना पड़ा।
A journey that’s bound to inspire a generation! ✨#MukulChoudhary’s cricketing rise, his family’s sacrifices, and how the game changed everything around him. ❤️
[Lucknow Super Giants, Kolkata Knight Riders, LSG, KKR] pic.twitter.com/V3pXq8ilCC
— Star Sports (@StarSportsIndia) April 9, 2026
ताने, मुश्किलें और भरोसा
कठिन समय में रिश्तेदारों ने भी साथ छोड़ दिया और ताने दिए कि वह अपनी और बेटे की जिंदगी बर्बाद कर रहे हैं। इसके बावजूद दलीप अपने फैसले पर डटे रहे। मुकुल ने भी इन संघर्षों को करीब से देखा और पिता के भरोसे को अपनी ताकत बनाया।
IPL में चमका बेटा
जब लखनऊ सुपर जायंट्स ने मुकुल को 2.60 करोड़ रुपये में खरीदा, तो उन्होंने सबसे पहले पिता का कर्ज चुकाने का वादा किया। शुरुआत में दबाव महसूस हुआ, खासकर सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मैच में वह टीम को जीत नहीं दिला सके। हालांकि कप्तान ऋषभ पंत ने मैच खत्म किया, लेकिन मुकुल भावुक हो गए।
वापसी और खुद को साबित करना
अगले ही मैच में मुकुल ने शानदार वापसी की और दबाव में बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए टीम को जीत दिलाई। उनकी 27 गेंदों की पारी ने यह साबित कर दिया कि वह बड़े मंच के खिलाड़ी हैं। यह प्रदर्शन उनके आत्मविश्वास और मेहनत का परिणाम था।
धोनी से प्रेरणा, रिकॉर्ड प्रदर्शन
मुकुल पर एमएस धोनी का गहरा प्रभाव है। 2025-26 अंडर-23 लिस्ट-ए टूर्नामेंट में उन्होंने 617 रन बनाए, जिसमें दो शतक और चार अर्धशतक शामिल थे। 39 छक्कों के साथ वह सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाज रहे। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया।
मेबैक कार बना इनाम
IPL 2026 में कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ मैच में जीत दिलाने के बाद टीम मालिक संजीव गोयनका ने मुकुल को 4 करोड़ रुपये से अधिक कीमत की मर्सिडीज बेंज मेबैक GLS गिफ्ट करने की घोषणा की।
संघर्ष से सफलता तक की प्रेरक कहानी
मुकुल चौधरी की यह यात्रा दिखाती है कि कठिन हालात, कर्ज और असफलताएं भी उस व्यक्ति को नहीं रोक सकतीं, जिसके पास सपना और उसे पूरा करने का जज्बा हो। यह कहानी हर उस इंसान के लिए प्रेरणा है जो मुश्किलों के बीच अपने लक्ष्य को पाने की कोशिश कर रहा है।

