अमेरिका और ईरान समेत खाड़ी के देशों में तनावपूर्ण स्थिति है। इस क्षेत्र में युद्ध छिड़े हुए एक महीने से अधिक का समय बीत चुका है। ईरान ने बड़ा फैसला लेते हुए कई दिनों से समुद्री मार्ग होर्मुज को बाधित कर रखा है। जिसका प्रभाव दुनिया के तमाम देशों पर हो रहा है। इसी कड़ी में एशिया के कई देशों में इस समय तेल की किल्लत का समाना करना पड़ रहा है। ऐसे में नेपाल सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए अब सप्ताह में दो दिन शनिवार और रविवार को साप्ताहिक अवकाश घोषित कर दिया है। यह नया नियम सोमवार से लागू हो गया है। इससे पहले देश में केवल शनिवार को ही छुट्टी दी जाती थी।
सरकारी दफ्तरों का नया समय तय
सरकार ने कार्यालयों के कामकाज के समय में भी बदलाव किया है। अब सरकारी दफ्तर सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक खुले रहेंगे। पहले दफ्तरों का समय सुबह 10 बजे से शुरू होता था, यानी अब कामकाज एक घंटा पहले शुरू होगा।
पेट्रोलियम संकट बना फैसले की वजह
सरकार के प्रवक्ता सस्मित पोखरेल ने बताया कि पेट्रोलियम आपूर्ति में आई असहज स्थिति को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। इसका उद्देश्य ईंधन की खपत को कम करना और संसाधनों का बेहतर प्रबंधन करना है।
शैक्षिक संस्थानों के लिए अलग व्यवस्था
मंत्रिपरिषद के निर्णय के अनुसार यह समय-सीमा मुख्य रूप से सरकारी कार्यालयों पर लागू होगी। शैक्षिक संस्थानों के लिए अलग व्यवस्था रखी गई है, जिस पर संबंधित विभाग अलग से निर्णय ले सकते हैं।
काम के घंटे संतुलित करने की कोशिश
सरकार का मानना है कि दो दिन की छुट्टी देने के बावजूद काम के घंटे संतुलित रखने के लिए कार्यालय समय को एक घंटा पहले शुरू किया गया है। इससे उत्पादकता पर असर नहीं पड़ेगा और कर्मचारियों को भी बेहतर कार्य-जीवन संतुलन मिलेगा।
कर्मचारियों और आम लोगों को मिलेगी राहत
इस फैसले से सरकारी कर्मचारियों को सप्ताह में दो दिन का अवकाश मिलेगा, जिससे उन्हें आराम और व्यक्तिगत कार्यों के लिए अधिक समय मिल सकेगा। वहीं आम लोगों को भी नए समय के अनुसार अपनी योजनाएं बनानी होंगी।
प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव
नेपाल में यह बदलाव प्रशासनिक व्यवस्था में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे न केवल ऊर्जा बचत में मदद मिलेगी, बल्कि कार्य प्रणाली को अधिक व्यवस्थित और आधुनिक बनाने की दिशा में भी यह महत्वपूर्ण पहल है।
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