भारतीय सेना में 1 अप्रैल से शीर्ष स्तर पर अहम नेतृत्व बदलाव होने जा रहा है। इस फेरबदल के तहत लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को नया उपसेना प्रमुख (Vice Chief of the Army Staff) नियुक्त किया गया है, जबकि लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र पाल सिंह पश्चिमी कमांड की कमान संभालेंगे। धीरज सेठ दिल्ली स्थित आर्मी मुख्यालय में अपनी नई जिम्मेदारी निभाएंगे, वहीं पुष्पेंद्र सिंह चंडीगढ़ में स्थित पश्चिमी कमांड का नेतृत्व करेंगे।
पश्चिमी कमांड को भारतीय सेना का सबसे महत्वपूर्ण ऑपरेशनल क्षेत्र माना जाता है, क्योंकि यह सीधे तौर पर पाकिस्तान सीमा की सुरक्षा से जुड़ा है। इससे पहले पुष्पेंद्र पाल सिंह अगस्त 2025 से उपसेना प्रमुख के पद पर तैनात थे, जबकि धीरज सेठ पुणे स्थित दक्षिणी कमांड के कमांडर के रूप में सेवाएं दे रहे थे।
नई जिम्मेदारी एक महत्वपूर्ण पड़ाव
दोनों वरिष्ठ अधिकारियों का करियर बेहद समृद्ध रहा है। धीरज सेठ ने अपने सेवा काल में कई अहम कमांड, स्टाफ और ट्रेनिंग से जुड़े पदों पर काम किया है। उपसेना प्रमुख के रूप में वे जनरल उपेंद्र द्विवेदी के साथ मिलकर सेना की ऑपरेशनल तैयारी और आधुनिकीकरण को आगे बढ़ाएंगे। वहीं लखनऊ से ताल्लुक रखने वाले पुष्पेंद्र पाल सिंह 1987 में पैराशूट रेजिमेंट में कमीशन हुए थे और अब पश्चिमी कमांड की जिम्मेदारी संभालना उनके करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।
दोनों जनरल भविष्य को देंगे मजबूती
इस बदलाव को भारतीय सेना की स्थापित परंपरा का हिस्सा माना जाता है, जहां वरिष्ठ अधिकारियों को समय-समय पर अलग-अलग कमांड और स्टाफ भूमिकाओं में नियुक्त किया जाता है। इससे न केवल नेतृत्व क्षमता मजबूत होती है, बल्कि फैसले लेने की प्रक्रिया भी अधिक प्रभावी और संतुलित बनती है। नई जिम्मेदारियों के साथ दोनों जनरलों से उम्मीद की जा रही है कि वे सेना की ताकत, रणनीति और भविष्य की तैयारियों को और मजबूती देंगे।