Home Ministry Cyber Strike: देश में बढ़ते साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए गृह मंत्रालय ने बड़ी डिजिटल कार्रवाई की है। मंत्रालय की साइबर विंग Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) ने साल 2025 से अब तक चलाए गए अभियान में हजारों डिजिटल अकाउंट्स और लाखों सिम कार्ड ब्लॉक कर दिए हैं। इस कार्रवाई से साइबर ठगों के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।
लाखों अकाउंट्स और सिम कार्ड पर ताला
I4C के आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 83,867 WhatsApp अकाउंट और 3,962 Skype आईडी को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। इसके अलावा, राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) के जरिए 8.45 लाख सिम कार्ड और 2.39 लाख मोबाइल IMEI नंबर भी ब्लॉक किए गए हैं। यह कदम उन अपराधियों के खिलाफ उठाया गया है जो फर्जी पहचान और डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर लोगों को ठग रहे थे।
टेलीकॉम कंपनियों के साथ मिलकर बड़ा अभियान
गृह मंत्रालय ने इस ऑपरेशन को सफल बनाने के लिए पुलिस, दूरसंचार विभाग और टेलीकॉम कंपनियों के साथ मिलकर काम किया। इस दौरान **827 मोबाइल ऐप्स** को भी बैन किया गया, जो साइबर ठगी में इस्तेमाल हो रहे थे। साथ ही, Sahyog Portal के जरिए 1,11,185 संदिग्ध ऑनलाइन कंटेंट को हटाया गया है।
साइबर ठगों के नेटवर्क पर सीधी चोट
कार्रवाई के दौरान WhatsApp और Skype जैसे प्लेटफॉर्म पर सक्रिय ठगों को निशाना बनाया गया। हजारों फर्जी अकाउंट्स को ब्लॉक कर दिया गया, जिससे वे नए लोगों को निशाना नहीं बना सकें। इसके अलावा, ठगी के लिए बनाए गए 800 से ज्यादा ऐप्स हटाकर उनके पूरे तकनीकी नेटवर्क को कमजोर किया गया है।
SIM और IMEI ब्लॉक से बढ़ी सख्ती
सरकार ने टेलीकॉम कंपनियों के साथ मिलकर संदिग्ध सिम कार्ड्स और डिवाइस पर सख्त कार्रवाई की। जिन मोबाइल डिवाइस का इस्तेमाल बार-बार फ्रॉड में हो रहा था, उनके IMEI नंबर ब्लैकलिस्ट कर दिए गए हैं। इससे अब ऐसे डिवाइस तुरंत ट्रैक और ब्लॉक किए जा सकते हैं।
फर्जी नेटवर्क की जांच जारी
मंत्रालय अब उन गिरोहों की पहचान करने में जुटा है जो फर्जी दस्तावेजों के जरिए सिम और अकाउंट चला रहे थे। I4C की इस कार्रवाई से साइबर ठगों में हड़कंप मचा हुआ है और डिजिटल प्लेटफॉर्म को सुरक्षित बनाने की दिशा में यह बड़ा कदम माना जा रहा है।
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