पंजाब पुलिस की अमृतसर काउंटर इंटेलिजेंस(Amritsar Counter-Intelligence) यूनिट ने सरहद पार से चल रहे अवैध हथियार तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से 10 विदेशी निर्मित उच्च तकनीक पिस्तौलें और मैगजीन बरामद की हैं।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों का संबंध एक विदेशी गैंगस्टर और पाकिस्तान स्थित तस्करों से था। ये आरोपी भारत में हथियारों की तस्करी कर रहे थे और खेप को पंजाब के आपराधिक तत्वों तक पहुंचाने का काम कर रहे थे। पुलिस ने मामले में थाना एसएसओसी, अमृतसर में आर्म्स एक्ट और बीएनएस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है।
पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए पीछे और आगे के लिंक खंगाल रही है और जांच जारी है। पंजाब पुलिस ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि अवैध हथियार तस्करी, संगठित अपराध और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के खिलाफ उसकी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति जारी रहेगी, ताकि राज्य को सुरक्षित और संरक्षित रखा जा सके।
इससे पहले गुरुवार को जालंधर में पंजाब पुलिस की खुफिया टीम ने एक अंतरराज्यीय अवैध हथियार सप्लाई मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था। इस दौरान उत्तर प्रदेश से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और उनके पास से 10 देसी पिस्तौल (7.65 एमएम) और 20 मैगजीन बरामद की गई।
पंजाब पुलिस राज्य को सुरक्षित बनाए रखने में सतर्क
पिछले मामलों की बात करें तो, दो बीकेआई सदस्य भी उनके विदेशी हैंडलर के निर्देश पर गिरफ्तार किए गए थे। आरोप था कि उन्होंने बलाचौर के पास तीन ग्रेनेड और एक आईईडी खरीदकर उसे लगाने की साजिश रची थी। बाद में इन्हीं आईईडी का इस्तेमाल हिमाचल प्रदेश के नालागढ़ पुलिस स्टेशन पर हुए विस्फोट में किया गया।
आरोपियों ने विदेशी दलालों के इशारे पर गढ़शंकर में एक ट्रैवल एजेंट के आवास पर जबरन वसूली और गोलीबारी की घटनाओं में भी भाग लिया था। इस पूरी कार्रवाई से स्पष्ट होता है कि पंजाब पुलिस अवैध हथियार तस्करी और संगठित अपराध को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं कर रही है और राज्य को सुरक्षित बनाए रखने के लिए सतर्क है।