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पहली बार महिला-पुरुष के बीच कैसे बने थे संबंध? रिसर्च में मिले ऐसे पैटर्न, वैज्ञानिक भी कंफ्यूज

Human Evolution: लाखों साल पहले पृथ्वी पर दो अलग-अलग मानव प्रजातियां, होमो सेपियंस और निएंडरथल एक ही इलाकों में रहती थीं और उनके बीच संबंध भी बने थे। इसी का नतीजा है कि आज अफ्रीका के बाहर रहने वाले अधिकांश लोगों के शरीर में लगभग 1-2 प्रतिशत निएंडरथल DNA मौजूद है। अब एक नई स्टडी ने इस प्राचीन मिलन से जुड़ा एक अहम और अब तक अनसुलझा रहस्य उजागर किया है।

शोध में हुआ बड़ा खुलासा

26 फरवरी 2026 को प्रतिष्ठित जर्नल में प्रकाशित इस शोध के अनुसार, ज्यादातर मामलों में निएंडरथल पुरुषों और आधुनिक मानव महिलाओं के बीच संबंध बने थे। यह निष्कर्ष पहले की मान्यताओं के उलट है, जिनमें माना जाता था कि दोनों दिशाओं में समान या विपरीत पैटर्न रहा होगा।

इन दोनों प्रजातियों के बीच हुआ था मेल-जोल

वैज्ञानिकों को लंबे समय से पता है कि इन दोनों प्रजातियों के बीच मेल-जोल हुआ था, जिसका प्रमाण हमारे जीनोम में मिलता है। हालांकि, यह DNA पूरे जीनोम में समान रूप से वितरित नहीं है। खासकर X क्रोमोसोम में निएंडरथल DNA की मात्रा काफी कम पाई गई थी, जिसे पहले हानिकारक जीन मानकर प्राकृतिक चयन के जरिए खत्म हो जाने की थ्योरी दी जाती थी।

निएंडरथल जीनोम का किया गया गहराई से विश्लेषण

लेकिन इस नई स्टडी ने इस सोच को चुनौती दी है। यूनिवर्सिटी ऑफ पेनसिल्वेनिया के शोधकर्ता अलेक्जेंडर प्लैट और उनकी टीम ने निएंडरथल जीनोम का गहराई से विश्लेषण किया। उन्होंने लगभग 2.5 लाख साल पुराने एक मेटिंग इवेंट से जुड़े जीन पैटर्न का अध्ययन किया।

क्या निकला नतीजा?

नतीजों में पाया गया कि निएंडरथल के X क्रोमोसोम में आधुनिक मानव का DNA औसतन 1.6 गुना अधिक मौजूद था। इसके उलट, आधुनिक मानव के X क्रोमोसोम में निएंडरथल DNA अपेक्षाकृत कम पाया गया। यह पैटर्न वैज्ञानिकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण संकेत साबित हुआ।

अंतर को समझने के लिए X क्रोमोसोम की विरासत को देखा गया

इस अंतर को समझने के लिए X क्रोमोसोम की विरासत को देखा गया। महिलाओं में दो X क्रोमोसोम होते हैं, जबकि पुरुषों में एक X और एक Y। किसी भी आबादी में दो-तिहाई X क्रोमोसोम मां से आते हैं। ऐसे में यदि आधुनिक मानव महिलाएं अधिक संख्या में निएंडरथल पुरुषों के साथ संबंध बनाती थीं, तो यही पैटर्न देखने को मिलता, जो इस स्टडी में सामने आया। इससे यह संकेत मिलता है कि प्राचीन समय में संबंध बनाने में एकतरफा झुकाव था, जिसमें निएंडरथल पुरुष और आधुनिक मानव महिलाएं अधिक शामिल थीं।

क्या बना हुआ है बड़ा सवाल?

हालांकि, यह सवाल अब भी बना हुआ है कि ऐसा क्यों हुआ। क्या मानव महिलाएं निएंडरथल समूहों में शामिल हुईं या निएंडरथल पुरुष मानव बस्तियों की ओर आकर्षित हुए? क्या ये रिश्ते सहमति और सामाजिक संपर्क का परिणाम थे या इनमें हिंसा भी शामिल थी, इस पर वैज्ञानिक अभी निश्चित जवाब नहीं दे पाए हैं।

सवालों का सटीक उत्तर मिलना मुश्किल

मिशिगन यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञ शिंजुन झांग का कहना है कि समय में पीछे जाकर इन घटनाओं को देख पाना संभव नहीं है, इसलिए इन सवालों का सटीक उत्तर शायद कभी न मिले। हालांकि, यह अध्ययन इस बात की ओर इशारा करता है कि यह केवल जैविक चयन नहीं, बल्कि सामाजिक और व्यवहारिक कारकों का भी परिणाम था।

इस शोध ने मानव विकास की पहेली के कई अहम टुकड़ों को जोड़ा

शोध में यह संभावना भी पूरी तरह खारिज नहीं की गई है कि निएंडरथल महिलाओं और मानव पुरुषों से पैदा हुए बच्चों की जीवित रहने की दर कम रही हो, फिर भी, सबसे मजबूत और सरल व्याख्या यही मानी जा रही है कि संबंधों में प्राथमिकता का झुकाव इसी दिशा में था।प्रिंसटन यूनिवर्सिटी के जेनेटिक्स विशेषज्ञ जोशुआ एकी के अनुसार, यह शोध मानव विकास की पहेली के कई अहम टुकड़ों को जोड़ता है। आज हमारे शरीर में मौजूद निएंडरथल DNA उसी प्राचीन मिलन की विरासत है, जो हजारों पीढ़ियों से हमारे साथ चली आ रही है।

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