उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में सात महीने पहले हुई एक युवक की मौत ने नया मोड़ ले लिया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर मृतक आरिश का शव कब्र से निकालकर दोबारा पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। यह मामला बहादुरगढ़ क्षेत्र के मोहम्मदपुर रुस्तमपुर गांव का है, जहां इस कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
बेटे को मारी गई थी गोली – मां
मृतक की मां फलकनाज ने शुरू से ही इस मौत को संदिग्ध बताते हुए हत्या का आरोप लगाया था। उनका कहना है कि आरिश ने आत्महत्या नहीं की, बल्कि उसे लाइसेंसी रिवॉल्वर से गोली मारी गई थी। उन्होंने बहू पर गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
पहले पुलिस ने माना था आत्महत्या
8 अगस्त 2025 की रात आरिश के कमरे से गोली चलने की आवाज आई थी। परिजन जब कमरे में पहुंचे तो वह खून से लथपथ मिला। अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई थी। उस समय पुलिस ने इसे पारिवारिक तनाव के चलते आत्महत्या मान लिया था और बिना विस्तृत जांच के शव को दफना दिया गया था।
परिजनों के विरोध के बाद कोर्ट पहुंचे मामला
घटना के बाद ग्रामीणों और परिजनों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए विरोध प्रदर्शन किया था। आरोपी पत्नी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई न होने पर परिवार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया, जिसके बाद अदालत ने शव को कब्र से निकालकर दोबारा जांच के आदेश दिए। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद स्थानीय प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम कब्रिस्तान पहुंची। मजिस्ट्रेट की निगरानी में कब्र की खुदाई कर शव के अवशेष निकाले गए और पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए।
शादी के बाद से था विवाद का माहौल
बताया जा रहा है कि आरिश की शादी अप्रैल 2025 में बिजनौर की राहिमा से हुई थी और शादी के बाद से ही दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की दोबारा जांच कर रही है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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