पश्चिम एशिया में जारी तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में आंशिक नाकाबंदी के बीच भारत ने वर्षों बाद ईरान से LPG की पहली खेप खरीदी है। यह फैसला देश में बढ़ते गैस संकट और आपूर्ति बाधित होने के बीच लिया गया है।
भारत ने फिर से ईरान की ओर रुख किया
रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत ने यह LPG खेप एक ट्रेडर के माध्यम से खरीदी है, जो मूल रूप से चीन के लिए जा रही थी। यह खेप कर्नाटक के मंगलुरु बंदरगाह पहुंचने की संभावना है और इसे इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी कंपनियों में वितरित किया जाएगा।
दरअसल, 2019 में अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के बाद भारत ने ईरान से ऊर्जा आयात लगभग बंद कर दिया था। लेकिन मौजूदा हालात में अमेरिका द्वारा कुछ राहत मिलने और ऊर्जा संकट गहराने के कारण भारत ने फिर से ईरान की ओर रुख किया है।
तेल और गैस सप्लाई का अहम रास्ता
होर्मुज जलडमरूमध्य, जो वैश्विक तेल और गैस सप्लाई का अहम रास्ता है, युद्ध के कारण बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इस मार्ग से भारत की करीब 60% LPG जरूरत पूरी होती है, जिससे आपूर्ति में भारी गिरावट आई है और देश में गैस संकट गहरा गया है।
स्थिति इतनी गंभीर है कि भारत को घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता देने के लिए औद्योगिक गैस सप्लाई में कटौती करनी पड़ी है। साथ ही कई भारतीय टैंकर अभी भी खाड़ी क्षेत्र में फंसे हुए हैं या सीमित अनुमति के साथ गुजर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत का यह कदम न केवल तत्काल गैस संकट को कम करने की कोशिश है, बल्कि भविष्य में ऊर्जा स्रोतों के विविधीकरण की दिशा में भी एक बड़ा संकेत है। आने वाले समय में भारत ईरान से और LPG खरीद सकता है, जिससे वैश्विक ऊर्जा समीकरण भी बदल सकते हैं।
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