अप्रैल के पहले सप्ताह में जब केदारनाथ मंदिर के कपाट खुलेंगे, उस दौरान प्रधानमंत्री के उत्तराखंड दौरे के साथ हो सकता दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन। करीब 210 किलोमीटर लंबा यह 6-लेन एक्सप्रेसवे दिल्ली के अक्षरधाम से लेकर देहरादून तक फैला है और इसे लगभग 13,000 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। इसके शुरू होने के बाद यात्रा समय में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
सफर होगा तेज और आसान
अब तक दिल्ली से देहरादून पहुंचने में 6 से 6.5 घंटे का समय लगता था, लेकिन एक्सप्रेसवे पूरी तरह चालू होने के बाद यह दूरी महज 2 से 2.5 घंटे में तय की जा सकेगी। वहीं, दिल्ली-एनसीआर के भीतर कुछ रूट्स पर यात्रा समय घटकर 20-25 मिनट तक रह जाएगा।
बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ
एक्सप्रेसवे का एलिवेटेड हिस्सा सीधे Delhi-Meerut Expressway से जुड़ता है, जिससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच कनेक्टिविटी और तेज हो गई है। बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर जैसे जिलों के लोगों को भी इसका बड़ा फायदा मिलेगा।
ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत
इस नए मार्ग के खुलने से कई व्यस्त सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा। जिन रास्तों का जाम से बुरा हाल था, उनका लोड अब इस एक्सप्रेसवे पर शिफ्ट हो जाएगा, जिससे यात्रा और भी सुगम हो जाएगी।
पर्यटन और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा
उत्तराखंड की वादियों की सैर करने वाले पर्यटकों, व्यापारियों और आम यात्रियों के लिए यह एक्सप्रेसवे गेमचेंजर साबित होगा। तेज और सुगम यात्रा से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि व्यापार और उद्योग जगत को भी नई गति मिलेगी। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के शुरू होने के साथ ही उत्तर भारत में सड़क यात्रा का अनुभव पूरी तरह बदलने वाला है।
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