PM Modi High Level Meeting: मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच भारत सरकार सतर्क हो गई है। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने रविवार शाम अपने आवास पर एक अहम बैठक बुलाई, जिसमें देश की ऊर्जा सुरक्षा और जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति पर चर्चा हो रही है। इस बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री J. P. नड्डा और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद हैं।
ऊर्जा और सप्लाई पर फोकस
बैठक में मिडिल ईस्ट के हालात का भारत पर पड़ने वाले असर का आकलन किया जा रहा है। खास तौर पर LPG वितरण, उर्वरक की उपलब्धता और अन्य जरूरी संसाधनों की सप्लाई पर चर्चा की जा रही है, ताकि देश में किसी तरह की कमी न हो।
वैश्विक संकट का असर
ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच पिछले 23 दिनों से जारी संघर्ष के कारण दुनिया भर में तेल और गैस की किल्लत बढ़ी है। इसका असर भारत में भी दिखने लगा है, जिससे सरकार की चिंता बढ़ गई है।
सरकार की तैयारी तेज
सरकार पहले से ही इस संकट से निपटने के लिए तैयारी कर रही है। बैठक में यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है कि पेट्रोलियम, कच्चा तेल, बिजली और खाद जैसे क्षेत्रों में सप्लाई चेन प्रभावित न हो। साथ ही, देश के भीतर सामान की ढुलाई और वितरण को भी सुचारू बनाए रखने पर ध्यान दिया जा रहा है।
होर्मुज स्ट्रेट बना बड़ी चिंता
मौजूदा हालात में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की स्थिति बेहद अहम हो गई है, जहां सैकड़ों तेल और गैस से भरे टैंकर फंसे हुए हैं। यह मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का करीब 20 फीसदी हिस्सा संभालता है, इसलिए यहां की स्थिति भारत समेत कई देशों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
आम जनता पर असर रोकने की कोशिश
सरकार का मकसद है कि इस वैश्विक संकट का असर आम लोगों और उद्योगों पर कम से कम पड़े। यही वजह है कि शीर्ष स्तर पर लगातार समीक्षा और रणनीति तैयार की जा रही है, ताकि देश में जरूरी चीजों की उपलब्धता बनी रहे।
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