मेरठ के थाना नौचंदी पुलिस ने राहुल कौशिक नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जो खुद को IAS अधिकारी बताकर लोगों को गुमराह कर रहा था। आरोपी दावा करता था कि वह वर्ष 2008 बैच का IAS अधिकारी है और भारत सरकार में डिप्टी सेक्रेटरी के पद पर तैनात है। पुलिस ने उसे उस समय पकड़ा जब वह शराब के नशे में हंगामा करते हुए पुलिस के 112 नंबर और अधिकारियों के सीयूजी नंबरों पर कॉल कर रौब झाड़ रहा था।
मौके पर पहुंची पुलिस ने जब जांच की तो उसके सारे दावे झूठे निकले। तलाशी के दौरान उसके पास से एक फर्जी बोर्ड भी बरामद हुआ, जिस पर उसने खुद को आईएएस अधिकारी दर्शाया हुआ था। फिलहाल पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है।
नशे की हालत में अधिकारियों को कर रहा था कॉल
बताया जा रहा है कि राहुल कौशिक की सच्चाई तब सामने आई जब वह नशे में धुत होकर हंगामा करने लगा। खुद को बड़ा अधिकारी बताते हुए वह बार-बार पुलिस कंट्रोल रूम और वरिष्ठ अधिकारियों के सरकारी नंबरों पर फोन कर भ्रामक जानकारी दे रहा था। वह लगातार यह जताने की कोशिश कर रहा था कि वह प्रभावशाली पद पर तैनात है, ताकि स्थानीय पुलिस और प्रशासन उस पर विश्वास कर लें।
जांच में खुली सच्चाई, फर्जी बोर्ड बरामद
सूचना मिलने के बाद थाना नौचंदी पुलिस मौके पर पहुंची और पूछताछ शुरू की। सीओ सिविल लाइन अभिषेक तिवारी के मुताबिक, जांच के दौरान राहुल के दावों पर संदेह हुआ। तलाशी लेने पर उसके पास से एक फर्जी नेमप्लेट/बोर्ड मिला, जिस पर उसे आईएएस अधिकारी बताया गया था। पुलिस ने वह बोर्ड जब्त कर लिया। कड़ी पूछताछ के दौरान आरोपी अपने दावों को साबित नहीं कर सका और उसका झूठ सामने आ गया।
पुराने रिकॉर्ड की जांच में जुटी पुलिस
फिलहाल नौचंदी पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि राहुल कौशिक कब से खुद को आईएएस अधिकारी बताकर लोगों को गुमराह कर रहा था। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि उसने इस फर्जी पहचान के जरिए किसी से अवैध वसूली या अन्य लाभ तो नहीं उठाया। पुलिस उसके पुराने रिकॉर्ड और संभावित पीड़ितों की भी पड़ताल कर रही है।