उत्तर प्रदेश में चंद्रग्रहण के कारण प्रमुख मंदिरों के कपाट निर्धारित समय पर बंद कर दिए गए, जिससे मंदिर परिसरों में असामान्य शांति दिखाई दी। राम मंदिर और हनुमानगढ़ी में सुबह लगभग 8:15 बजे भगवान को भोग अर्पित किया गया। इसके उपरांत सुबह 9 बजे से श्रद्धालुओं के लिए मंदिरों के द्वार बंद कर दिए गए।
सुबह 9 बजे से मंदिर के कपाट बंद
बांके बिहारी मंदिर सहित मथुरा के अन्य मंदिरों के कपाट भी सुबह 9 बजे ही बंद कर दिए गए। काशी में दशाश्वमेध घाट पर प्रतिदिन होने वाली गंगा आरती आज लगभग सवा घंटे विलंब से आयोजित की जाएगी।
इसके अलावा काशी विश्वनाथ धाम के कपाट भी करीब पौने तीन घंटे तक बंद रहेंगे। आज 3 मार्च को वर्ष का पहला चंद्रग्रहण है, जो दोपहर 3:21 बजे से शुरू होकर शाम 6:47 बजे तक रहेगा। इस दौरान भारत में चंद्रमा ग्रहण की अवस्था में ही उदित होगा।
सूतक में मंदिर क्यों होते हैं बंद
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूतक और ग्रहण काल में पूजा-पाठ, उत्सव या रंग-गुलाल जैसे मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं। इसी परंपरा के तहत सूतक लगते ही मंदिरों के द्वार बंद कर दिए गए।
ग्रहण समाप्त होने के बाद शाम 7:15 बजे मंदिरों में पुनः प्रवेश कर गर्भगृह की विधिपूर्वक सफाई और विशेष श्रृंगार किया जाएगा। तत्पश्चात संध्या आरती के साथ श्रद्धालुओं के लिए दर्शन-पूजन की व्यवस्था दोबारा शुरू कर दी जाएगी।