बिजनौर में महाशिवरात्रि से पहले आस्था का एक अनोखा दृश्य देखने को मिला। संभल जिले की रहने वाली मुस्लिम महिला तमन्ना मलिक कांवड़ लेकर अपने शहर में प्रवेश कर गईं हैं। वह हरिद्वार से कांवड़ यात्रा करके पवित्र गंगाजल लाकर भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक का संकल्प लेकर आई हैं।
बुर्का पहने तमन्ना इस समय चर्चा का केंद्र बनी हुई हैं। वह अपने जत्थे के साथ हरिद्वार से संभल के गांव बदनपुर बस्सी लौट रही हैं। रास्ते में कई जगह हिंदू संगठनों ने उन्हें फूलों की वर्षा कर स्वागत किया। पुलिस ने भी उनकी सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा।
शिवभक्तों के संग की यात्रा
तमन्ना 100 से अधिक शिवभक्तों के साथ ‘बोल भोले’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों के बीच कांवड़ यात्रा कर रही हैं। यात्रा के दौरान वह समय-समय पर ‘ऊँ नमः शिवाय’ का जाप भी करती रहती हैं। जहां-जहां वह बुर्का पहने कांवड़ लेकर गुजर रही हैं, वहां लोगों की भीड़ उन्हें देखने के लिए जमा हो रही है। श्रद्धालु फूल बरसाकर उनका स्वागत कर रहे हैं, वहीं कुछ महिलाएं और पुरुष उन्हें पैसे देकर प्रोत्साहित भी कर रहे हैं।
हिंदू संगठनों और पुलिस का मिला साथ
तमन्ना की इस यात्रा में उनके साथ हिंदू संगठनों के लोग भी हैं ताकि रास्ते में किसी प्रकार की बाधा न आए। बिजनौर पुलिस ने उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की और उन्हें जिले की सीमा पार कराई। स्थानीय लोग उनकी आस्था और भक्ति को खुले दिल से सराह रहे हैं।
करीब 220 किलोमीटर की पैदल यात्रा
तमन्ना अपने जत्थे के साथ पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रही हैं। करीब 220 किलोमीटर पैदल यात्रा के बाद वह लाया गया गंगाजल झेमनाथ शिवमंदिर, संभल में चढ़ाएंगी और भगवान भोलेनाथ से अपने और सभी के कल्याण की प्रार्थना करेंगी। तमन्ना ने बताया कि वर्षों से वह कांवड़ियों को कांवड़ लाते देखती थीं और इस बार उन्होंने स्वयं इसमें भाग लेने का निर्णय लिया।