6 मीटिंग, 13 महीने बॉर्डर बंद, 7 डिमांड, किसान आंदोलन की पूरी टाइमलाइन
इस बीच पंजाब-हरियाणा के शंभू और खनौरी बॉर्डर पर की गई बैरिकेडिंग हटाई जा रही है। इससे 13 महीने बाद दिल्ली-जम्मू-अमृतसर हाईवे मार्ग खुल जाएगा।

Farmers Protest Timeline: किसान नेताओं और केंद्र सरकार के बीच बुधवार (19 मार्च) को हुई बैठक भी बेनतीजा रही। अगली बैठक 4 मई को होनी है। तब तक किसान नेताओं ने कहा है कि आंदोलन जारी रहेगा। इस बीच पंजाब-हरियाणा के शंभू और खनौरी बॉर्डर पर की गई बैरिकेडिंग हटाई जा रही है। इससे 13 महीने बाद दिल्ली-जम्मू-अमृतसर हाईवे मार्ग खुल जाएगा।
दूसरी ओर, पंजाब पुलिस ने बुधवार देर शाम इस बॉर्डर पर मौजूद किसानों को हटाने का काम शुरू कर दिया। करीब 200 प्रदर्शनकारी किसानों को हिरासत में भी लिया गया। पंजाब पुलिस ने यहां किसानों द्वारा बनाए गए शेड को बुलडोजर से गिरा दिया है।
बुधवार को ही केंद्रीय प्रतिनिधिमंडल ने किसान नेताओं से बातचीत की थी। प्रतिनिधिमंडल में कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल शामिल थे। शिवराज सिंह चौहान ने इस बातचीत को काफी हद तक सार्थक बताया है और उम्मीद जताई है कि भविष्य में इस मामले का समाधान निकलेगा। अब देखना दिलचस्प होगा कि 4 मई को होने वाली अगली बैठक में क्या नतीजा निकलता है।
इससे पहले जानिए पिछले 13 महीनों में किसान आंदोलन में क्या कुछ हुआ...
13 फरवरी 2024: किसान दिल्ली रवाना हुए, पुलिस ने शंभू और खनौरी बॉर्डर पर बैरिकेडिंग कर रोका।
21 फरवरी 2024: पुलिस और किसानों के बीच झड़प, बठिंडा के शुभकरण की मौत, कई किसान गिरफ्तार।
17 अप्रैल 2024: किसानों ने अपने साथियों की रिहाई की मांग को लेकर रेलवे ट्रैक को जाम कर दिया। किसान ट्रैक पर ही बैठ गए।
2 सितंबर 2024: शंभू बॉर्डर खोलने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कमेटी बनाई।
18 नवंबर 2024: किसानों ने 6 दिसंबर को दिल्ली कूच करने का ऐलान किया है।
26 नवंबर 2024: किसान नेता जगजीत सिंह दल्लेवाल को पंजाब पुलिस ने हिरासत में लिया। दल्लेवाल ने भूख हड़ताल शुरू कर दी।
6 दिसंबर 2024: उन्होंने शंभू बॉर्डर से दिल्ली की ओर कूच करने की कोशिश की, लेकिन हरियाणा पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागकर उन्हें खदेड़ दिया।
8 दिसंबर 2024: किसानों ने फिर दिल्ली की ओर कूच करने की कोशिश की, लेकिन हरियाणा पुलिस ने उन्हें प्रवेश नहीं करने दिया और किसान वापस लौट गए।
14 दिसंबर 2024: किसानों ने चौथी बार दिल्ली कूच करने की कोशिश की, लेकिन इस बार भी हरियाणा पुलिस के रोके जाने के बाद मार्च स्थगित करना पड़ा।
30 दिसंबर 2024: किसानों के समर्थन में पंजाब बंद रहा। बसें और ट्रेनें नहीं चलने दी गईं।
4 जनवरी 2025: खनौरी बॉर्डर पर किसान महापंचायत हुई। डल्लेवाल को स्ट्रेचर पर लाया गया। उन्होंने 9 मिनट तक किसानों को संबोधित किया।
9 जनवरी 2025: मोगा में महापंचायत के दौरान संयुक्त किसान मोर्चा ने आंदोलन को समर्थन देने का फैसला किया।
केंद्र-किसानों की 6 मीटिंग में अब तक क्या हुआ?
8 फरवरी 2024: कुछ मांगों पर सहमति बनी, लेकिन किसान संगठन फसलों पर एमएसपी की कानूनी गारंटी के लिए कानून बनाने समेत कई अन्य मांगों पर अड़े रहे।
12 फरवरी 2024: चंडीगढ़ में केंद्रीय मंत्रियों के साथ किसानों की 5 घंटे तक बैठक हुई। किसानों पर दर्ज सभी केस वापस लेने और बिजली संशोधन बिल 2020 को रद्द करने पर सहमति बनी।
15 फरवरी 2024: किसानों ने हरियाणा पुलिस के बल प्रयोग पर आपत्ति जताई। बैठक रात एक बजे तक चली।
18 फरवरी 2024: केंद्र सरकार ने धान और गेहूं के अलावा मसूर, सरसों, मक्का और कपास की फसलों पर भी एमएसपी देने का प्रस्ताव रखा, लेकिन बाकी फसलों पर सहमति नहीं बन पाई।
14 फरवरी 2025: बैठक में केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी समेत 28 किसान नेता मौजूद थे।बैठक बेनतीजा रही।
19 मार्च 2025: केंद्र से एक बार फिर बातचीत बेनतीजा रही तो जारी रहेगा किसानों का आंदोलन, 4 मई को होगी अगली बैठक
क्या है किसानों की मांगें?
- सभी 23 फसलों के लिए MSP की गारंटी
- किसानों का पूरा कर्ज माफ किया जाए
- किसानों और खेत मजदूरों के लिए पेंशन
- बिजली संशोधन विधेयक निरस्त किया जाए
- लखीमपुर खीरी मामले में आरोपियों को मुआवजा और सजा दी जाए
- आंदोलन में किसानों पर दर्ज केस वापस हों
- आंदोलन में मारे गए किसानों के परिवार को मुआवजा
What's Your Reaction?






