चीन ने शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ ) में भारत एवं पाकिस्तान का स्वागत करते हुए गुरुवार को उन आशंकाओं को खारिज कर दिया कि दोनों पड़ोंसी देशों के बीच मतभेद से समूह की एकता को नुकसान पहुंचा सकता है. चीन ने कहा कि घोषणापत्र में सदस्यों पर उनकी द्विपक्षीय शत्रुता को संगठन में लाने पर रोक लगाई गई है. चीन के सहायक विदेश मंत्री कोंग शियानयू ने समूह के नए सदस्यों के तौर पर दोनों देशों का औपचारिक स्वागत करते हुए यहां एससीओ मुख्यालय में कहा, 'शंघाई सहयोग संगठन के संस्थापक सदस्य के तौर पर हम भारत एवं पाकिस्तान के सदस्य

अस्ताना यहां शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (SCO) की शुक्रवार को मीटिंग हुई. इस मीटिंग में नरेंद्र मोदी और नवाज शरीफ एक साथ मंच पर दिखे. मोदी ने अपनी स्पीच में भारत को मेंबरशिप देने के लिए सभी एससीओ मेंबर्स का आभार जताया. मोदी ने आतंकवाद का मुद्दा उठाया, लेकिन एक भी बार पाकिस्तान का जिक्र नहीं किया. उधर, नवाज शरीफ ने 2 बार भारत का नाम लिया और बधाई दी. दोनों देशों को इस बार एससीओ में मेंबरशिप दी गई है. बता दें कि 6 देशों के इस संगठन की शुरुआत 2001 में हुई थी. 2015 में रूस के उफा में एससीओ समिट हुई

दिल्ली पीएम मोदी शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की अहम बैठक में हिस्सा लेने के लिए कजाकिस्तान के अस्ताना पहुंच गए हैं. इस बैठक में भारत और पाकिस्तान को सदस्यता मिलने वाली है. पीएम मोदी के अलावा बैठक में हिस्सा लेने के लिए पाक पीएम नावज शरीफ भी आने वाले हैं. माना जा रहा है कि यहां दोनों की मुलाकात तो नहीं होगी लेकिन पीएम आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को बेनकाब जरूर कर सकते हैं. कजाकिस्तान के अस्ताना में होने वाली इस बैठक में सदस्य देशों के शीर्ष नेता शामिल होंगे. इससे पहले विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने बैठक के दौरान पीएम मोदी