Tuesday, February 10, 2026
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UPPSC ने मानी छात्रों की मांग, एक दिन में होगा PCS एग्जाम

प्रयागराज में यूपी लोक सेवा आयोग (UPPSC) के बाहर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे प्रतियोगी छात्रों के आंदोलन से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है, आयोग के अध्यक्ष संजय श्री नेत की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में फैसला लिया गया कि PCS परीक्षा एक दिन में होगी, इसके साथ ही RO-ARO परीक्षा के लिए कमेटी बना दी गई है, RO-ARO परीक्षा स्थगित कर दी गई है।

जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, उन्हें रिहा किया जा रहा है, सीएम योगी के हस्तक्षेप पर आयोग ने यूपी PCS 2024 की प्रारंभिक परीक्षा पहले की तरह एक दिन और एक पाली में कराने का ऐलान किया है, आयोग ने PCS अभ्यर्थियों की मांग मान ली है, हालांकि RO-ARO 2023 की भर्ती परीक्षा को लेकर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है, आयोग ने दिसंबर माह में होने वाली इस परीक्षा को स्थगित कर दिया है। प्रयागराज के डीएम रवींद्र कुमार ने कहा, UPPSC की ओर से जल्द ही परीक्षा (पीसीएस) की तिथि जारी की जाएगी।

परीक्षा पैटर्न तय करने के लिए कमेटी बनाने की बात कही गई है, प्रदर्शनकारी छात्र आयोग के फैसले से संतुष्ट नहीं हैं, छात्रों ने आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है, छात्र इसे फूट डालो और राज करो कह रहे हैं और हजारों की संख्या में छात्र जुटे हैं।

क्या कहा प्रदर्शनकारी छात्रों ने

दूसरी ओर, छात्र आयोग द्वारा दिए गए फैसले से असंतुष्ट हैं, छात्रों का कहना है कि आज का फैसला फूट डालो और राज करो की नीति के तहत है। इसमें एक वर्ग संतुष्ट हुआ है और दूसरा वर्ग असंतुष्ट हो रहा है। छात्रों का कहना है कि जब तक RO/ARO को लेकर फैसला नहीं हो जाता, तब तक वे अपना आंदोलन खत्म नहीं करने वाले हैं।

क्या कहा अखिलेश यादव ने

छात्रों के आंदोलन को लेकर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने कहा कि “आज पढ़ाई करने वालों को आंदोलन करना पड़ रहा है। अधिकारियों के जरिए अन्याय हो रहा है, बताइए, दिव्यांग बेटी की बैसाखी छीन ली है। इन लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि यह राजनीति से प्रेरित आंदोलन है, इसमें पुलिस ने समाजवादी संगठन के लोगों को गिरफ्तार भी किया लेकिन यह छात्रों का आंदोलन है, सरकार को यह बात समझनी चाहिए।”

सामान्यीकरण के नाम पर अपारदर्शी व्यवस्था अस्वीकार्य- राहुल गांधी

इस बीच, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने ट्विटर पर लिखा- “प्रयागराज में प्रतियोगी छात्रों के प्रति यूपी सरकार और उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग का रवैया बेहद असंवेदनशील और दुर्भाग्यपूर्ण है। सामान्यीकरण के नाम पर अपारदर्शी व्यवस्था अस्वीकार्य है और छात्रों की एक पाली में परीक्षा की मांग पूरी तरह जायज है। शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने में लगी भाजपा सरकार की अक्षमता की कीमत छात्र क्यों चुकाएं? ‘पढ़ाई’ कर रहे छात्र सड़कों पर ‘लड़ने’ को मजबूर हो गए हैं और अब पुलिस द्वारा उनका उत्पीड़न किया जा रहा है।”

उन्होंने कहा, “अपने और अपने परिवार के सपनों को पूरा करने के लिए घर से दूर काम कर रहे युवाओं के साथ यह अन्याय हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। हम प्रतियोगी छात्रों की मांगों का पूरा समर्थन करते हैं। तानाशाही से उनके लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाया नहीं जा सकता।”

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