उत्तर प्रदेश विधानमंडल का बजट सत्र आज सोमवार से शुरू हो गया है। यह सत्र कुल 10 दिनों तक चलेगा और इसकी बैठकें 20 फरवरी तक प्रस्तावित हैं। साल का पहला सत्र होने के चलते पहले दिन सरकार अपनी उपलब्धियां सदन में रखेगी, जबकि आने वाले दिनों में विपक्ष कई मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति के साथ सदन में उतरेगा।
सत्र की शुरुआत राज्यपाल के संयुक्त सदन में अभिभाषण से होगी, जिसमें सरकार बीते एक साल के कार्यों और नीतियों का खाका पेश करेगी। राज्यपाल के अभिभाषण के बाद हाल ही में पारित किए गए अध्यादेशों को सदन के पटल पर रखा जाएगा। वहीं, हाल के दिनों में दो विधायकों के निधन के चलते मंगलवार को विधानसभा की कार्यवाही केवल शोक प्रस्ताव तक सीमित रहेगी।
11 फरवरी को विधानसभा में पेश होगा बजट
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बुधवार सुबह कैबिनेट बैठक होगी, जिसमें बजट प्रस्ताव पर अंतिम मुहर लगेगी। इसके बाद 11 फरवरी को विधानसभा में बजट पेश किया जाएगा। आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए इस बजट में सरकार द्वारा अधूरे वादों को पूरा करने के साथ-साथ महिलाओं, किसानों, युवाओं और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए नए ऐलानों की संभावना जताई जा रही है।
16 से 18 फरवरी तक बजट पर होगी चर्चा
बजट पेश होने के बाद राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा की जाएगी। यह चर्चा 12 और 13 फरवरी को होगी। इसके बाद 16 से 18 फरवरी तक बजट पर विस्तृत चर्चा चलेगी। इसके बाद 9 फरवरी से विभागवार बजट पास कराया जाएगा और 20 फरवरी को पूरे बजट पर मतदान होगा।
सीएम योगी बोले- स्वस्थ चर्चा से होगा विकास
बजट सत्र से पहले आयोजित सर्वदलीय बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सदन में स्वस्थ और सकारात्मक चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि “स्वस्थ चर्चा से ही प्रदेश का विकास और जनता की समस्याओं का समाधान संभव है। सदन की कार्यवाही में किसी तरह की बाधा न आए, यह सभी की जिम्मेदारी है।”
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि ‘विकसित भारत के विकसित उत्तर प्रदेश’ विजन डॉक्युमेंट-2047 को अंतिम रूप देने के लिए सदन में व्यापक चर्चा आवश्यक है।
विपक्ष के तेवर रहेंगे तीखे
बजट सत्र के दौरान विपक्ष के तेवर तीखे रहने के आसार हैं। विपक्ष सरकार की योजनाओं की जमीनी हकीकत, वोटर लिस्ट के विशेष पुनरीक्षण अभियान समेत कई अन्य हालिया मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है।

