हरियाणा में पहली बार सड़क सुरक्षा को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर मंथन शुरू हुआ है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चंडीगढ़ में आयोजित दो दिवसीय सड़क सुरक्षा समाधान संगोष्ठी का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने इसे राज्य के लिए गर्व का विषय बताया और कहा कि यह आयोजन देशभर में सड़क सुरक्षा को नई दिशा देगा।
350 से अधिक विशेषज्ञों की भागीदारी
इस संगोष्ठी में देशभर से 350 से अधिक विशेषज्ञ, शोधकर्ता और नीति निर्माता हिस्सा ले रहे हैं। यहां सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर गहन चर्चा की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल तकनीकी विषय नहीं, बल्कि सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी भी है।
11 साल में 28 हजार करोड़ से ज्यादा खर्च
CM नायब सिंह सैनी ने बताया कि पिछले 11 वर्षों में हरियाणा में 28,665 करोड़ रुपये की लागत से 43,703 किलोमीटर सड़कों का सुधार किया गया है। इससे राज्य में कनेक्टिविटी और यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार हुआ है।
हाईटेक सड़कों और पुलों का निर्माण
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि 2,534 करोड़ रुपये की लागत से 2,417 किलोमीटर नई सड़कों का निर्माण आधुनिक तकनीक से किया गया है। इसके अलावा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 1,077 करोड़ रुपये से 2,432 किलोमीटर सड़कों का निर्माण हुआ है। पिछले वर्षों में करीब 2,000 करोड़ रुपये की लागत से 97 रेलवे ओवरब्रिज और अंडरपास भी बनाए गए हैं।
ड्राइवर ट्रेनिंग और तकनीक पर जोर
सड़क हादसों को कम करने के लिए राज्य में 7 नए ड्राइवर प्रशिक्षण संस्थान शुरू किए गए हैं। साथ ही IIT मद्रास के सहयोग से ‘संजय’ ऐप लॉन्च किया गया है, जो दुर्घटनाओं के डेटा विश्लेषण और प्रबंधन में मदद करता है मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उम्मीद जताई कि इस संगोष्ठी से निकलने वाले सुझाव और निष्कर्ष देशभर में सड़क निर्माण और सुरक्षा के क्षेत्र में अहम भूमिका निभाएंगे।
सुरक्षा को प्राथमिकता देने पर जोर
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य सिर्फ सड़कें बनाना नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित बनाना भी है। ऐसे आयोजनों से सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए ठोस रणनीति तैयार की जा सकेगी।
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