उत्तर प्रदेश का सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन माने जाने वाला कानपुर सेंट्रल(Kanpur Central) एक बार फिर इतिहास दोहराने जा रहा है। करीब छह साल बाद ऐसा मौका आने वाला है जब स्टेशन पर पूरी तरह सन्नाटा देखने को मिलेगा। 21 जून 2026 को कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन से 24 घंटे तक ट्रेनों की आवाजाही बंद रहेगी। इस दौरान स्टेशन से न तो कोई ट्रेन रवाना होगी और न ही यहां किसी ट्रेन का संचालन किया जाएगा। इससे पहले ऐसा दृश्य कोरोना महामारी के दौरान लगे लॉकडाउन में देखने को मिला था, जब देशभर में रेल सेवाएं ठप कर दी गई थीं।
हालांकि, इस बार वजह महामारी नहीं, बल्कि रेलवे की तकनीकी व्यवस्था को आधुनिक बनाने का बड़ा काम है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर इंटरलॉकिंग का महत्वपूर्ण कार्य किया जाना है। इसी कारण 21 जून को पूरे दिन ट्रेन संचालन रोकने का फैसला लिया गया है। यह कार्य रेलवे की सिग्नलिंग व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और आधुनिक बनाने के लिए किया जा रहा है। इंटरलॉकिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्टेशन पर ट्रेनों के संचालन में पहले से ज्यादा सुरक्षा और सुगमता आएगी। रेलवे का दावा है कि इससे सिग्नल फेल होने जैसी समस्याओं में काफी कमी आएगी और ट्रेन संचालन अधिक व्यवस्थित हो सकेगा।
गोविंदपुरी और चंदारी से चलेंगी ट्रेनें
कानपुर सेंट्रल पर ट्रेनों का संचालन बंद रहने के दौरान रेलवे ने वैकल्पिक व्यवस्था भी तैयार की है। दिल्ली-हावड़ा रूट और अन्य प्रमुख मार्गों की कई ट्रेनों को गोविंदपुरी और चंदारी स्टेशनों से डायवर्ट कर चलाया जाएगा।
इसके अलावा दिल्ली से लखनऊ जाने वाली ट्रेनों को गाजियाबाद-मुरादाबाद रूट से होकर भेजने की योजना बनाई गई है। रेलवे बोर्ड से इस व्यवस्था के लिए अनुमति मांगी गई है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की जानकारी जरूर जांच लें ताकि किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
11 जून से शुरू होगा प्री और नॉन इंटरलॉकिंग कार्य
रेलवे सूत्रों के मुताबिक मुख्य इंटरलॉकिंग कार्य से पहले 11 जून से 20 जून तक प्री और नॉन इंटरलॉकिंग का काम किया जाएगा। इस दौरान भी कुछ ट्रेनों के संचालन और समय में बदलाव देखने को मिल सकता है।
रेलवे प्रशासन का कहना है कि यह पूरा काम भविष्य में बेहतर रेल संचालन के लिए बेहद जरूरी है। लंबे समय से स्टेशन की सिग्नलिंग प्रणाली को अपग्रेड करने की योजना बनाई जा रही थी जिसे अब अमल में लाया जा रहा है।
कंप्यूटर आधारित होगी नई सिग्नल प्रणाली
फिलहाल कानपुर सेंट्रल पर पारंपरिक इलेक्ट्रिक सिग्नलिंग सिस्टम काम करता है, लेकिन अब इसे कंप्यूटर आधारित तकनीक से जोड़ा जाएगा। नई प्रणाली लागू होने के बाद ट्रेनों की निगरानी और संचालन पहले से ज्यादा आधुनिक और सुरक्षित हो जाएगा। उत्तर मध्य रेलवे के अधिकारियों के अनुसार यह बदलाव देश के सबसे व्यस्त रेल मार्गों में शामिल दिल्ली-हावड़ा और मुंबई रूट पर ट्रेनों की आवाजाही को और बेहतर बनाने में मदद करेगा।
कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन उत्तर भारत का अहम जंक्शन माना जाता है। यहां से हर दिन करीब 300 ट्रेनें गुजरती हैं और लगभग एक से डेढ़ लाख यात्री सफर करते हैं। ऐसे में 24 घंटे तक ट्रेनों का संचालन बंद रहना रेलवे इतिहास की बड़ी घटनाओं में गिना जा रहा है। हालांकि, रेलवे का कहना है कि यह अस्थायी असुविधा भविष्य में यात्रियों को बेहतर और सुरक्षित सफर देने के उद्देश्य से की जा रही है।