कनाडा ने हाल ही में विदेशी छात्रों के लिए अपनी लोकप्रिय स्टूडेंट डायरेक्ट स्ट्रीम (SDS) योजना को बंद करने का फैसला लिया है, जिससे कई देशों के छात्र प्रभावित होंगे। यह योजना, जो भारत सहित चुनिंदा देशों के छात्रों को त्वरित वीजा प्रक्रिया की सुविधा प्रदान करती थी, अब समाप्त कर दी गई है। एसडीएस योजना के तहत छात्रों को सरल और तेज़ तरीके से स्टडी परमिट मिलता था, जो अब पहले जैसा आसान नहीं रहेगा। इस बदलाव से कनाडा में शिक्षा प्राप्त करने का सपना देख रहे हजारों विदेशी छात्रों को कठिनाई हो सकती है।
अन्य देशों के छात्रों पर पड़ेगा सीधा प्रभाव
कनाडा में पढ़ाई के लिए भारत, चीन, फिलीपींस, और वियतनाम जैसे देशों से बड़ी संख्या में छात्र जाते हैं। एसडीएस योजना के अंत से इन देशों के छात्रों पर सीधा प्रभाव पड़ेगा। अब उन्हें सामान्य वीजा प्रक्रिया से गुजरना होगा, जिसमें वीजा स्वीकृति का समय भी लंबा हो सकता है और प्रक्रिया अधिक जटिल हो सकती है। इसके अलावा, वीजा के लिए आवश्यक दस्तावेज़ों और शर्तों में भी कड़े बदलाव किए जा सकते हैं। यह कदम कनाडा सरकार के आव्रजन प्रणाली को और सख्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
कनाडा की नई नीति और उसके संभावित कारण
कनाडा सरकार का यह कदम बढ़ते विदेशी छात्र आव्रजन को नियंत्रित करने की ओर इशारा करता है। हाल के वर्षों में विदेशी छात्रों की संख्या में बढ़ोतरी ने कनाडा के विश्वविद्यालयों और आवासीय क्षेत्रों पर काफी दबाव डाला है। इसके अलावा, कुछ रिपोर्टों में यह भी सामने आया है कि कई छात्र वीजा का उपयोग रोजगार के अवसरों के लिए कर रहे हैं, जो कि शिक्षा के उद्देश्य से विपरीत है। इन कारणों से, कनाडा सरकार ने एसडीएस योजना को बंद करने का फैसला लिया है।
इस नए फैसले के बाद कनाडा में पढ़ाई का सपना देख रहे छात्रों के लिए कठिनाइयाँ बढ़ सकती हैं। यह उन छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण विषय है जो कनाडा को अपने भविष्य की शिक्षा और करियर के लिए एक बेहतर विकल्प मानते हैं।
