केंद्र सरकार ने रेल पटरी पार करते समय होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव(Ashwini Vaishnaw) ने देशभर में रेल अंडरपास (पुलिया) बनाने के निर्देश जारी किए हैं। इस पहल का उद्देश्य उन जगहों को प्राथमिकता देना है, जहां पटरी के एक ओर बस्तियाँ और दूसरी ओर खेत, स्कूल, श्मशान या अन्य महत्वपूर्ण स्थान हैं और लोग रोज़ाना खतरे में डालकर पटरियाँ पार करते हैं।
पटरी पार करने वालों के लिए जीवनदायिनी विकल्प
रेल मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ये पुलियाएं ऐसा डिज़ाइन की जाएं कि आम लोग इसे सुरक्षित रूप से इस्तेमाल कर सकें। इन्हें साइकिल, मोटरसाइकिल और कामकाजी उपकरणों के साथ आसानी से पार किया जा सके। इस पहल से देशभर में पटरी पार करते समय होने वाले हादसों में कमी आएगी और भारतीय रेल की ये पुलियाएं आम जनता के लिए वरदान साबित होंगी।
सुरक्षित और सुगम डिज़ाइन
रेल मंत्री ने कहा कि ये पुलियाएं ऐसे डिज़ाइन की जाएं कि जलभराव या अन्य प्राकृतिक परिस्थितियों से प्रभावित न हों। उनका उद्देश्य यह है कि पुलिया बनाते समय सभी सुरक्षा और सुविधा का ध्यान रखा जाए और आने वाले दशकों तक ये प्रभावी बनी रहें। ये सभी रेल पुलियाएं भूमिगत होंगी और लोगों के लिए इस्तेमाल में सहज रहेंगी।
केवल 12 घंटे में होगा निर्माण
रेल मंत्री ने यह भी बताया कि सबवे या पुलिया का निर्माण स्थल पर पहुँचने के बाद रेल पटरी को ब्लॉक करके केवल 12 घंटे में इसे तैयार किया जाएगा। इसका मतलब है कि किसी भी प्रमुख रेलवे ट्रैक को लंबे समय तक बंद नहीं रखना पड़ेगा और परियोजना तेजी से पूरी होगी।
अगले 5-6 सालों में देशव्यापी कार्य
रेल मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अगले 5-6 सालों में देशभर में इस प्रकार की पुलियों का निर्माण सुनिश्चित किया जाए। इसका उद्देश्य रेल पटरी पार करने वालों की सुरक्षा को अधिकतम बनाना और हादसों पर पूरी तरह लगाम लगाना है।
इस प्रकार रेल मंत्रालय ने एक सुरक्षित, सुगम और तेज़ निर्माण प्रणाली अपनाते हुए देशभर में रेलवे सुरक्षा को बढ़ावा देने का एक व्यापक और दीर्घकालिक कदम उठाया है।