पंजाब में खेल संस्कृति को और मजबूत करने की दिशा में आज चंडीगढ़ में स्पोर्ट्स एंड यूथ सर्विसेज डिपार्टमेंट के सीनियर अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्यभर में खेलों को बढ़ावा देने, युवाओं को मैदानों से जोड़ने और एक स्वस्थ व फिट समाज के निर्माण पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में युवाओं को खेल गतिविधियों की ओर प्रेरित करें और जमीनी स्तर पर स्पोर्ट्स कल्चर को मजबूत बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
CM मान सरकार खेलों को दे रही नई दिशा
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में लागू की गई नई खेल नीति ने पंजाब के युवाओं को नई दिशा दी है। सरकार लगातार प्रयास कर रही है कि राज्य में स्पोर्ट्स कल्चर को दोबारा जीवित किया जाए और युवाओं को नशे से दूर रखकर खेल के मैदानों तक लाया जाए।
‘खेडां वतन पंजाब दियां’ बना सामाजिक बदलाव का मंच
सरकार की महत्वाकांक्षी पहल ‘खेलां वतन पंजाब दियां’ के तहत खेलों को जन-आंदोलन का रूप दिया गया है। अब तक इसके तीन सीजन पूरे हो चुके हैं, जिनमें ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से व्यापक भागीदारी देखने को मिली है। इस अभियान से हजारों युवा नशे की गिरफ्त से बाहर निकलकर खेलों से जुड़े हैं।
खिलाड़ियों को मिला ऐतिहासिक सम्मान
नई खेल नीति के तहत एशियन और नेशनल गेम्स में पदक जीतने वाले 168 खिलाड़ियों को 33.83 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि दी गई है।
- स्वर्ण पदक विजेता को 1 करोड़ रुपये
- रजत पदक विजेता को 75 लाख रुपये
- कांस्य पदक विजेता को 50 लाख रुपये
खेल इंफ्रास्ट्रक्चर में ऐतिहासिक निवेश
CM भगवंत सिंह मान सरकार ने राज्य में खेल संस्कृति को पुनर्जीवित करने के लिए बड़े पैमाने पर कदम उठाए हैं।
- 3,100 से अधिक नए ग्रामीण खेल मैदानों का निर्माण शुरू किया गया है।
- खेल बजट को ₹100 करोड़ से बढ़ाकर ₹1,000 करोड़ से अधिक किया गया है।
नशे के खिलाफ खेलों को हथियार
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने साफ कहा है कि खेलों के जरिए युवाओं को नशे से दूर रखना सरकार की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से हर गांव में आधुनिक जिम और खेल सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि पंजाब का युवा स्वस्थ, मजबूत और आत्मनिर्भर बन सके।

