पंजाब में उद्योगों को गैस(Punjab gas shortage) की कमी से राहत देने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर ली है। उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा ने चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि राज्य में ईंधन आपूर्ति को मजबूत बनाने के लिए लुधियाना और जालंधर में गैस पाइपलाइन नेटवर्क तेजी से विस्तार किया जाएगा। मंत्री ने स्पष्ट किया कि घरेलू गैस सप्लाई को लेकर किसी तरह की कमी नहीं है और आम लोगों को चिंता करने की जरूरत नहीं है।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि घरों में गैस की उपलब्धता पूरी तरह सामान्य है। साथ ही यह भी बताया कि पाइपलाइन बिछाने का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है और गैस लाइन दोराहा तक पहुंच चुकी है। आने वाले समय में लुधियाना के उद्योगों को प्राथमिकता के साथ इस नेटवर्क से जोड़ा जाएगा, जिसके बाद जालंधर को भी इसमें शामिल किया जाएगा। इससे औद्योगिक इकाइयों को गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।
पाइपलाइन नेटवर्क को बढ़ाने का फैसला
संजीव अरोड़ा ने कहा कि जिन उद्योगों में अभी भी एलपीजी सिलेंडर का इस्तेमाल हो रहा है, उन्हें कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, जिन इकाइयों तक पाइपलाइन के जरिए प्राकृतिक गैस पहुंच चुकी है, वहां स्थिति काफी बेहतर है। इसी अनुभव के आधार पर सरकार ने पाइपलाइन नेटवर्क को तेजी से बढ़ाने का फैसला लिया है, ताकि अधिक से अधिक उद्योगों को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ जगहों पर समस्याएं कृत्रिम रूप से पैदा की जा रही हैं, जबकि वास्तविकता में पाइपलाइन वाले क्षेत्रों में सप्लाई सुचारू है।
39 लाख नए कनेक्शन का लक्ष्य
राज्य सरकार ने इस वर्ष 39 लाख नए गैस कनेक्शन देने का लक्ष्य तय किया है, जिसमें घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ उद्योगों को भी शामिल किया जाएगा। मंत्री ने कहा कि जैसे-जैसे पाइपलाइन नेटवर्क का विस्तार होगा, गैस की उपलब्धता और अधिक आसान और सुलभ हो जाएगी।
सरकार का उद्देश्य है कि राज्य के हर कोने तक पाइपलाइन पहुंचाई जाए, जिससे लोगों को सुविधाजनक और किफायती गैस सप्लाई मिल सके। यदि घरों में पीएनजी (PNG) गैस उपलब्ध होती है, तो उपभोक्ताओं को सालाना करीब 1,800 रुपये तक की बचत हो सकती है। साथ ही, सिलेंडर भरवाने की झंझट से भी छुटकारा मिलेगा, जिससे लोगों की दैनिक जिंदगी और आसान हो जाएगी।