Tuesday, February 10, 2026
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Punjab CM भगवंत सिंह मान की जत्थेदार से अपील, 15 जनवरी को पेशी का LIVE टेलीकास्ट हो – CM

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज से आग्रह किया है कि 15 जनवरी को अकाल तख्त पर उनकी पेशी के दौरान पूरी कार्यवाही का सभी टीवी चैनलों पर सीधा प्रसारण किया जाए। सीएम मान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि दुनिया भर से उन्हें संदेश मिल रहे हैं कि जब वह संगत की ओर से गुरु की गोलक से जुड़े हिसाब-किताब के साथ श्री अकाल तख्त साहिब में पेश हों, तो इस प्रक्रिया को लाइव दिखाया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने लिखा कि वह विश्वभर की संगत की भावनाओं का सम्मान करते हुए जत्थेदार साहिब से निवेदन करते हैं कि उनके स्पष्टीकरण का सीधा प्रसारण हो, ताकि संगत हर पल पूरी प्रक्रिया और धन के हिसाब-किताब से अवगत रह सके। उन्होंने यह भी कहा कि वह 15 जनवरी को सभी दस्तावेजों और सबूतों के साथ उपस्थित होंगे।

SGPC ने मांग पर जताई नाराजगी

सीएम मान की इस मांग पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने नाराजगी जताई है। SGPC का कहना है कि श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ने किसी गंभीर कारण को महसूस किया होगा, तभी मुख्यमंत्री को तलब किया गया है। ऐसे मामलों को राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए। श्री अकाल तख्त साहिब पर पेशी के दौरान कोई शर्त नहीं रखी जानी चाहिए।

SGPC नेताओं ने यह भी कहा कि पहले भी अकाली नेता श्री अकाल तख्त साहिब पर पेश हो चुके हैं और उनकी कार्यवाही सार्वजनिक चर्चा का विषय बनी थी। मुख्यमंत्री को किस संदर्भ में बुलाया गया है, इसकी जानकारी संगत को होनी चाहिए। इसलिए जत्थेदार साहिब से आग्रह है कि संगत को यह जानने का अधिकार दिया जाए कि वहां क्या सवाल-जवाब हो रहे हैं।

CM मान को क्यों किया गया तलब ?

यह पूरा विवाद पंजाबी गायक जसबीर जस्सी द्वारा किए गए शबद गायन के बाद शुरू हुआ। श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि जस्सी पूर्ण सिख नहीं हैं, इसलिए उन्हें शबद गायन का अधिकार नहीं है। इस पर सीएम भगवंत सिंह मान ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि यदि ऐसा है, तो फिर पतित सिखों के गुरुद्वारों में माथा टेकने और गोलक में दान देने पर भी रोक लगनी चाहिए।

जत्थेदार ने बयानों और वीडियो पर जताई थी नाराजगी

मुख्यमंत्री के इन बयानों के बाद अकाल तख्त के जत्थेदार ने कड़ी नाराजगी जाहिर की थी। उनका कहना था कि गुरु की गोलक और दशवंध की मर्यादा को लेकर की गई टिप्पणियां आपत्तिजनक हैं। इसके अलावा, बरगाड़ी और मौड़ से जुड़े बेअदबी व बम धमाके के मामलों में कार्रवाई न होने पर भी उन्होंने असंतोष व्यक्त किया था।

जत्थेदार ने एक वीडियो को लेकर भी आपत्ति जताई थी, जिसमें सीएम मान पर गुरुओं और संत जरनैल सिंह भिंडरांवाले की तस्वीरों के साथ अनुचित व्यवहार करने का आरोप लगाया गया था। इन सभी कारणों से मुख्यमंत्री को 15 जनवरी को अकाल तख्त के सचिवालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।

CM मान बोले – नंगे पैर होकर होंगे पेश

तलब किए जाने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा था कि वह एक विनम्र सिख की तरह श्री अकाल तख्त साहिब में पेश होंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि उसी दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के अमृतसर दौरे में शामिल न हो पाने के लिए वह क्षमा चाहते हैं। सीएम मान ने कहा था कि श्री अकाल तख्त साहिब से आया हर हुक्म उन्हें स्वीकार है और वह मुख्यमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि एक साधारण सिख के रूप में नंगे पैर चलकर अकाल तख्त में हाजिर होंगे।

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