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PM मोदी ने 7 SIR अधिकारियों को बंधक बनाए जाने के बाद बंगाल के राज्यपाल से की मुलाकात, मालदा में हिंसक विरोध प्रदर्शन

SIR Controversy: पश्चिम बंगाल के मालदा में वोटर लिस्ट विवाद से भड़की हिंसा अब राष्ट्रीय स्तर का मुद्दा बन गई है। इस गंभीर घटना के बाद प्रधानमंत्री Narendra Modi ने गुरुवार को दिल्ली में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल C. V. Ananda Bose से मुलाकात कर राज्य की कानून-व्यवस्था और केंद्रीय एजेंसियों की सुरक्षा पर विस्तृत चर्चा की। यह बैठक उस समय हुई जब राज्य में न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाए जाने और केंद्रीय जांच एजेंसियों पर हमलों को लेकर राजनीतिक तनाव चरम पर है।

मालदा में क्या हुआ था?

मालदा जिले के कालियाचक-II ब्लॉक में विशेष गहन समीक्षा (SIR) के दौरान वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने से नाराज़ लोगों का गुस्सा हिंसक रूप ले बैठा। बुधवार शाम करीब 4 बजे सैकड़ों प्रदर्शनकारी ब्लॉक विकास कार्यालय (BDO) पहुंच गए और वहां मौजूद सात न्यायिक अधिकारियों, जिनमें तीन महिलाएं भी शामिल थीं, को घेर लिया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि अधिकारियों को लगभग नौ घंटे तक बाहर नहीं निकलने दिया गया और उन्हें भोजन-पानी तक उपलब्ध नहीं हो सका। हालात नियंत्रण से बाहर होते देख देर रात पुलिस और केंद्रीय बलों को हस्तक्षेप करना पड़ा। CAPF की मदद से सभी अधिकारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

हाईवे जाम और पुलिस कार्रवाई

घटना के अगले दिन गुरुवार को भी तनाव कम नहीं हुआ। ओल्ड मालदा के मंगलबाड़ी इलाके में नारायणपुर BSF कैंप के पास नेशनल हाईवे-12 को जाम कर दिया गया। जदुपुर क्षेत्र में भी प्रदर्शनकारियों ने सड़क अवरुद्ध की, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया। हालात संभालने के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी और एक वाहन चालक घायल हो गए। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मुस्लिम समुदाय के लोगों के नाम जानबूझकर वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर नाम वापस नहीं जोड़े गए तो आंदोलन जारी रहेगा।

सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी

इस पूरे मामले पर सुनवाई करते हुए Supreme Court of India ने पश्चिम बंगाल सरकार को कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने राज्य को “राजनीतिक रूप से अत्यधिक विभाजित” बताते हुए प्रशासन की निष्क्रियता पर नाराजगी जताई। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की बेंच ने इसे न्यायपालिका पर सीधा हमला करार दिया और कहा कि अधिकारियों को बिना सुरक्षा, भोजन और पानी के घंटों तक छोड़ दिया गया। अदालत ने राज्य के मुख्य सचिव, डीजीपी, मालदा के जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है और मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।

घटना के बाद सियासी बयानबाजी तेज

घटना के बाद सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेता Kunal Ghosh ने हिंसा की निंदा करते हुए आरोप लगाया कि बीजेपी ने स्थिति को भड़काने का काम किया है। वहीं विपक्षी दलों ने इसे Mamata Banerjee सरकार की कानून-व्यवस्था में विफलता बताया है।

चुनाव से पहले बढ़ा तनाव

पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले SIR प्रक्रिया के तहत लाखों मतदाताओं के नामों की समीक्षा की जा रही है। ऐसे में यह विवाद राज्य की राजनीति को और गरमा रहा है। फिलहाल मालदा में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है।

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Yogita Tyagi
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योगिता त्यागी एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, मनोरंजन, धर्म और लाइफस्टाइल विषयों में विशेष रुचि है। वर्तमान में वह Mhone News के राजनीतिक, धर्म और मनोरंजन सेक्शन के लिए सक्रिय रूप से लेखन कर रही हैं। डिजिटल मीडिया में तीन वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्होंने अपने करियर में कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों- जैसे दैनिक भास्कर, पंजाब केसरी, इंडिया डेली लाइव और ITV नेटवर्क में योगदान दिया है। योगिता ने गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (GGSIPU) से मास कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है, जिसने उनके डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में गहन, प्रभावशाली और विश्वसनीय लेखन की मजबूत नींव रखी है।
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