विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट सेवाओं की फीस में संशोधन किया है जो 1 जुलाई 2026 से लागू होगा। नई दरों के लागू होने के बाद नया पासपोर्ट बनवाने, रिन्यू कराने या खोए हुए पासपोर्ट की जगह नया जारी कराने पर पहले की तुलना में अधिक शुल्क देना होगा। इस बदलाव का असर आम नागरिकों के साथ-साथ बच्चों और तत्काल सेवा का लाभ लेने वालों पर भी पड़ेगा।
नई व्यवस्था के तहत 36 पेज वाले सामान्य पासपोर्ट की फीस बढ़ा दी गई है। इसी तरह 60 पेज वाले पासपोर्ट के लिए भी पहले की तुलना में अधिक राशि चुकानी होगी। सरकार का कहना है कि संशोधित शुल्क 1 जुलाई से सभी नए आवेदनों और दोबारा जारी किए जाने वाले पासपोर्टों पर लागू होगा।
खोए या क्षतिग्रस्त पासपोर्ट पर बढ़ा खर्च
यदि किसी व्यक्ति का पासपोर्ट गुम हो जाता है या क्षतिग्रस्त हो जाता है, तो नया पासपोर्ट प्राप्त करने की लागत भी बढ़ गई है। दोनों श्रेणियों 36 पेज और 60 पेज के पासपोर्ट के लिए अब पहले से ज्यादा रेट तय किया गया है।
जो लोग कम समय में पासपोर्ट प्राप्त करना चाहते हैं और तत्काल सेवा का विकल्प चुनते हैं उन्हें भी बढ़ी हुई फीस का सामना करना पड़ेगा। विदेश मंत्रालय की ओर से तय की गई नई दरों के मुताबिक तत्काल पासपोर्ट सेवाओं के लिए अतिरिक्त भुगतान करना होगा।
बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों को राहत
सरकार ने कुछ श्रेणियों के आवेदकों को राहत देने का फैसला किया है। 8 वर्ष तक के बच्चों और 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को नए पासपोर्ट बनवाने पर 10 प्रतिशत शुल्क छूट मिलेगी। हालांकि यह लाभ केवल नए पासपोर्ट पर लागू होगा रिइश्यू या नवीनीकरण के मामलों में नहीं।