उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सिंगापुर दौरे के दूसरे दिन राज्य के लिए दो अहम समझौते हुए। पहला समझौता इन्वेस्ट यूपी और सिंगापुर कोऑपरेशन एंटरप्राइज (SCE) के बीच हुआ, जिसका उद्देश्य प्रदेश की नीतिगत ढांचे को मजबूत करना है। यह साझेदारी उत्तर प्रदेश में बेहतर प्रशासनिक दक्षता और दीर्घकालिक विकास के लिए रणनीतिक सहयोग का मार्ग प्रशस्त करेगी।
MoU के तहत दोनों पक्ष स्टडी विजिट, लीडरशिप डेलिगेशन और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेंगे। साथ ही क्षमता निर्माण (कैपेसिटी बिल्डिंग) के लिए विशेष मॉड्यूल तैयार कर उन्हें लागू किया जाएगा। तकनीकी सहयोग, नीति संबंधी मार्गदर्शन और सरकारी व निजी क्षेत्र के बीच समन्वय बढ़ाने जैसे प्रावधान भी इस समझौते में शामिल हैं। इससे राज्य में प्रशासनिक कार्यकुशलता और कौशल विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
जेवर एयरपोर्ट को मिला बड़ा निवेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एविएशन सर्विस कंपनी एआई सैट्स (AISATS) के साथ भी एक महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। कंपनी गौतमबुद्ध नगर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) में दो बड़ी परियोजनाएं स्थापित करेगी, एक अत्याधुनिक कार्गो कैंपस और एक विश्वस्तरीय एयर कैटरिंग किचेन शामिल है। इन परियोजनाओं में कुल 4458 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है।
उत्तर भारत का लॉजिस्टिक्स हब बनेगा जेवर
प्रस्तावित कार्गो कैंपस उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर भारत के लिए एयर फ्रेट और लॉजिस्टिक्स का प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में कदम होगा। इससे इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा और कृषि उत्पादों के निर्यात-आयात को नई गति मिलेगी। साथ ही एयर कैटरिंग किचेन से जेवर एयरपोर्ट के अलावा उत्तर भारत के अन्य हवाई अड्डों को भी उच्च गुणवत्ता का भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। इन समझौतों को राज्य में निवेश और बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
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