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फसल में नुकसान या आग से तबाही? सरकार दे रही मोटा पैसा, तुरंत जुड़ें इस योजना के साथ

Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana: खेती में बढ़ते जोखिम और प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान को देखते हुए केंद्र सरकार की ‘प्रधानमंत्री बिमा फसल योजना’ (Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana) किसानों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है। इस योजना के तहत फसल खराब होने या आग लगने जैसी घटनाओं में किसानों को आर्थिक मुआवजा दिया जाता है, जिससे उनकी आय सुरक्षित रह सके।

यह योजना एक सुरक्षा कवच

किसानों की सालभर की मेहनत कई बार अचानक आई आपदाओं जैसे बारिश, आंधी, ओलावृष्टि, बाढ़ या आग के कारण बर्बाद हो जाती है। ऐसे हालात में यह योजना एक सुरक्षा कवच की तरह काम करती है और किसानों को दोबारा खेती शुरू करने का अवसर देती है।

हर वर्ग के किसानों को मिलता है लाभ

इस योजना का फायदा लगभग सभी किसानों को मिलता है। चाहे किसान अपनी जमीन पर खेती करता हो, बटाई पर या किराए की जमीन लेकर खेती करता हो, सभी इसके पात्र हैं। जिन किसानों ने खेती के लिए बैंक से लोन लिया होता है, उनके लिए यह बीमा स्वतः लागू हो जाता है। वहीं बिना लोन वाले किसान भी स्वेच्छा से इसमें शामिल हो सकते हैं।

कई तरह की फसलें शामिल

योजना के तहत अनाज, दलहन, तिलहन, बागवानी और व्यावसायिक फसलें कवर की जाती हैं। गेहूं, चावल, चना, सरसों, सोयाबीन, फल-सब्जियां और कपास-गन्ना जैसी फसलें इसमें शामिल हैं। हालांकि केवल सरकार द्वारा अधिसूचित फसलें ही बीमा के दायरे में आती हैं।

कम प्रीमियम में बड़ी सुरक्षा

इस योजना की सबसे बड़ी खासियत इसका कम प्रीमियम है। खरीफ फसलों के लिए किसान को बीमा राशि का सिर्फ 2 प्रतिशत और रबी फसलों के लिए 1.5 प्रतिशत प्रीमियम देना होता है। वहीं बागवानी और व्यावसायिक फसलों के लिए यह 5 प्रतिशत निर्धारित है। शेष राशि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर वहन करती हैं, जिससे किसानों पर आर्थिक बोझ नहीं पड़ता।

ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से आवेदन

योजना में शामिल होने के लिए किसान ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों का उपयोग कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन आधिकारिक वेबसाइट के जरिए घर बैठे किया जा सकता है, जबकि ऑफलाइन आवेदन नजदीकी बैंक, को-ऑपरेटिव सोसायटी या CSC सेंटर पर जाकर किया जा सकता है। ध्यान देने वाली बात यह है कि बुवाई के 10 दिनों के भीतर आवेदन करना जरूरी होता है, तभी पूरा लाभ मिल पाता है।

फसल खराब होने पर तुरंत करें सूचना

अगर किसी कारण से फसल खराब हो जाती है, तो किसान को 72 घंटे के भीतर बीमा कंपनी को इसकी सूचना देनी होती है। इसके बाद संबंधित अधिकारी खेत का निरीक्षण करते हैं और नुकसान का आकलन किया जाता है। जांच पूरी होने के बाद मुआवजे की राशि सीधे किसान के बैंक खाते में भेज दी जाती है। इस तरह प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए एक मजबूत सहारा बनकर उभरी है, जो न सिर्फ उनकी मेहनत की सुरक्षा करती है बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से स्थिर बनाए रखने में भी मदद करती है।

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