राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने गुरुवार सुबह जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में आतंकी गतिविधियों और उनसे जुड़े फंडिंग नेटवर्क के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया। इस दौरान एजेंसी की टीमों ने स्थानीय पुलिस और सुरक्षा बलों के साथ मिलकर कई संदिग्ध ठिकानों पर तलाशी ली। सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई उन परिसरों पर केंद्रित रही, जिनका संबंध आतंकवादी गतिविधियों या उनसे जुड़े लोगों से होने की आशंका जताई जा रही है।
फंडिंग नेटवर्क की जांच पर फोकस
अधिकारियों के मुताबिक यह छापेमारी जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकी संगठनों को मिलने वाली वित्तीय मदद और लॉजिस्टिक सपोर्ट की जांच का हिस्सा है। तलाशी अभियान के दौरान जांच एजेंसियों ने वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेज, संचार रिकॉर्ड और डिजिटल उपकरण जुटाने पर विशेष ध्यान दिया। शुरुआती जानकारी के अनुसार कुछ संदिग्ध दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए हैं, जिनके आतंकी फंडिंग से जुड़े होने की आशंका है।
संवेदनशील इलाकों में चला अभियान
यह सर्च ऑपरेशन तड़के शुरू हुआ और जिले के कई संवेदनशील क्षेत्रों में चलाया गया। सुरक्षा एजेंसियों का उद्देश्य आतंकी नेटवर्क के आर्थिक स्रोतों और सहयोगियों की पहचान करना है, ताकि उनकी गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
पहले भी चल चुके हैं ऐसे अभियान
NIA इससे पहले भी जम्मू-कश्मीर में कई बार आतंकी गतिविधियों और फंडिंग नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है।
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2 फरवरी – श्रीनगर, सोपोर, बांदीपोरा और बारामूला में ISI से जुड़े आतंकी षड्यंत्र के मामले में तलाशी अभियान चलाया गया था।
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3 फरवरी – श्रीनगर के रैनावारी इलाके में एक NGO से जुड़े संदिग्ध के घर पर भी एनआईए ने छापा मारा था।
LOC पर घुसपैठ की कोशिश नाकाम
इसी बीच 4 मार्च को पुंछ जिले के भीमबेर गली सेक्टर में नियंत्रण रेखा (LOC) पर भारतीय सेना ने घुसपैठ की एक कोशिश को नाकाम कर दिया था।
नगरोटा स्थित व्हाइट नाइट कोर को खुफिया इनपुट मिलने के बाद सेना ने इलाके में निगरानी बढ़ाई थी। संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर जवानों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आतंकियों की घुसपैठ की कोशिश को विफल कर दिया। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे ताकि आतंकी नेटवर्क की जड़ों को कमजोर किया जा सके।
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