मुंबई के प्रतिष्ठित ताज महल पैलेस होटल(Taj Hotel) को बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने करीब 22 करोड़ रुपये के बकाया शुल्क को लेकर नोटिस जारी किया है। यह मामला होटल के बाहर लगाए गए सुरक्षा बैरियर्स और एंटी-रैम बोलार्ड से जुड़ा है जिन्हें 26/11 मुंबई आतंकी हमलों के बाद सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के उद्देश्य से स्थापित किया गया था।
महानगरपालिका का कहना है कि सार्वजनिक सड़क और फुटपाथ पर किसी भी प्रकार की स्थायी या अर्ध-स्थायी संरचना लगाने के लिए निर्धारित शुल्क देना नियमों के तहत अनिवार्य है। अधिकारियों के अनुसार, पिछले कई वर्षों से इस शुल्क का पूरा भुगतान नहीं हुआ। इसी कारण मूल राशि के साथ ब्याज और अन्य देयकों को जोड़ने पर बकाया लगभग 22 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। बताया जा रहा है कि होटल की ओर से कुछ भुगतान किया गया है लेकिन पूरी राशि अभी तक जमा नहीं हुई है।
होटल प्रबंधन ने की शुल्क में राहत की मांग
ताज होटल प्रबंधन का कहना है कि ये सुरक्षा अवरोध किसी व्यावसायिक लाभ के लिए नहीं लगाए गए थे। उनका उद्देश्य केवल होटल परिसर और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था। इसी आधार पर होटल प्रशासन ने BMC से शुल्क में राहत या छूट देने की मांग की है। सूत्रों के मुताबिक, दोनों पक्षों के बीच इस विषय पर बातचीत जारी है और जल्द किसी समाधान की संभावना जताई जा रही है।
26/11 हमलों के बाद बढ़ाई गई थी सुरक्षा
26 नवंबर 2008 को हुए मुंबई आतंकी हमलों में ताज महल पैलेस होटल प्रमुख निशानों में शामिल था। इस दुखद घटना में 160 से अधिक लोगों की जान गई थी और कई अन्य घायल हुए थे। हमले के बाद होटल सहित शहर के कई संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को स्थायी रूप से मजबूत किया गया। इसी दौरान होटल के आसपास बोलार्ड, बैरिकेड और अन्य सुरक्षा उपकरण लगाए गए जो अब इस वित्तीय विवाद का केंद्र बन गए हैं।