दिल्ली के द्वारका इलाके में हुए एसयूवी हादसे के मामले में आरोपी नाबालिग को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (JJB) ने अस्थायी जमानत मिली थी। यह राहत उसे कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा में शामिल होने के लिए दी गई थी। हादसे में 23 वर्षीय बाइक सवार साहिल धनेशरा की मौत हो गई थी।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बोर्ड ने अपने आदेश में कहा कि पूछताछ के दौरान आरोपी में अपने कृत्य को लेकर कोई स्पष्ट पछतावा नहीं दिखा और वह मानव जीवन के महत्व को समझने में असमर्थ नजर आया। हादसे के अगले दिन 4 फरवरी को उसे बोर्ड के समक्ष पेश किया गया था, जिसके बाद उसे निगरानी गृह भेज दिया गया था।
परीक्षा के बाद करना होगा आत्मसमर्पण
10 फरवरी को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने आरोपी को अंतरिम जमानत देते हुए बोर्ड परीक्षा में बैठने की अनुमति दी। आदेश के मुताबिक, उसे परीक्षा समाप्त होने के बाद 9 मार्च को आत्मसमर्पण करना होगा।
बताया गया है कि दुर्घटना के समय 17 वर्षीय नाबालिग स्कॉर्पियो चला रहा था। कथित तौर पर वह सोशल मीडिया ‘रील’ बनाने के लिए तेज रफ्तार में गाड़ी चला रहा था, तभी वाहन ने एक मोटरसाइकिल और एक टैक्सी को टक्कर मार दी। हादसे में साहिल की मौके पर मौत हो गई, जबकि एक कैब चालक गंभीर रूप से घायल हुआ।
आरोपी के पिता ने मांगी माफी
नाबालिग के पिता ने घटना पर खेद जताते हुए पीड़ित की मां से माफी मांगी और कहा कि वे न्यायालय के फैसले का सम्मान करेंगे। हालांकि साहिल की मां इन्ना माकन ने कहा कि आरोपी के पिता ने 15 दिन बाद माफी मांगी और अब तक व्यक्तिगत रूप से संपर्क करने की कोशिश नहीं की।