कानपुर में तेज रफ्तार लेम्बोर्गिनी कार से छह लोगों को टक्कर मारी थी। इस पर कानपुर पुलिस करते हुए तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, शिवम को आर्यनगर स्थित उसके घर के बाहर से पकड़ा गया और मेडिकल के बाद कोर्ट में पेश किया गया। पेशी के दौरान वह मीडिया पर वीडियो न बनाने का इशारा करता दिखा।
पुलिस स्टेशन में मिला VIP ट्रीटमेंट
8 फरवरी को हुए हादसे के बाद शुरुआत में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठे। लेम्बोर्गिनी को थाने में विशेष स्थान पर खड़ा किया गया और कथित तौर पर VIP ट्रीटमेंट दिया गया। पहले अज्ञात के खिलाफ FIR दर्ज की गई, लेकिन मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने और राजनीतिक तूल पकड़ने के बाद जांच तेज हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संज्ञान लेने के बाद पुलिस ने जांच में शिवम का नाम जोड़ा।
पिता ने ड्राइवर को बताया जिम्मेदार
कारोबारी केके मिश्रा ने दावा किया कि हादसे के समय उनका बेटा गाड़ी नहीं चला रहा था, बल्कि ड्राइवर मोहन वाहन चला रहा था। उन्होंने यहां तक कहा कि शिवम उस समय घर पर सो रहा था। बाद में ड्राइवर मोहन कोर्ट पहुंचा और सरेंडर करते हुए खुद को चालक बताया।
कोर्ट में खुली ड्राइवर की पोल
हालांकि, कानपुर कोर्ट ने मोहन की अर्जी खारिज कर दी। पुलिस रिपोर्ट में आरोपी के तौर पर शिवम का नाम दर्ज है। सुनवाई के दौरान जब मोहन से कार के गियर के बारे में पूछा गया, तो उसने गलत जानकारी दी। इससे उसके बयान पर संदेह गहरा गया और अदालत ने उसे आरोपी मानने से इनकार कर दिया।