यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल की है। प्राधिकरण ने ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में प्रस्तावित ‘जापान सिटी’ और ‘सिंगापुर सिटी’ के विकास संबंधी औपचारिक प्रस्ताव राज्य शासन को भेज दिया है।
18 फरवरी 2026 के इस पत्र के माध्यम से औद्योगिक विकास आयुक्त को सूचित किया गया कि दोनों अंतरराष्ट्रीय स्तर की परियोजनाओं के लिए उपयुक्त भूमि का चयन कर लिया गया है और जल्द भी इस पर आगे की प्रक्रिया भी शुरु कर दी जाएगी।
मुख्यमंत्री के विदेश दौरे से जुड़ा विशेष महत्व
यह पहल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रस्तावित जापान और सिंगापुर दौरे से पहले रणनीतिक रूप से अहम मानी जा रही है। शासन की अपेक्षाओं के अनुरूप यीडा के सीईओ आर.के. सिंह ने बताया कि सेक्टर-5A और सेक्टर-7 को इन वैश्विक शहरों के विकास के लिए चिन्हित किया गया है।
70 प्रतिशत भाग रहेगा सुरक्षित
जानकारी के मुताबिक, दोनों सेक्टरों को बड़े औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा। कुल क्षेत्रफल का कम से कम 70 प्रतिशत भाग औद्योगिक गतिविधियों के लिए सुरक्षित रखा जाएगा।
इसके अलावा, इसके अंतर्गत काम करने वाले लोगों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अधिकतम 12 प्रतिशत क्षेत्र आवासीय, 13 प्रतिशत वाणिज्यिक और न्यूनतम 5 प्रतिशत संस्थागत उपयोग के लिए निर्धारित किया गया है। यह संतुलित विकास मॉडल इन शहरों को आत्मनिर्भर, सुव्यवस्थित और आधुनिक स्वरूप प्रदान करेगा।
1000 एकड़ में अंतरराष्ट्रीय निवेश का खाका
प्रस्ताव के तहत जापान सिटी के लिए सेक्टर-5A में 500 एकड़ और सिंगापुर सिटी के लिए सेक्टर-7 में 500 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है। इन परियोजनाओं को ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन) मोड पर विकसित करने की योजना है, जिससे निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जा सके।
भूमि अधिग्रहण की तैयारियों के साथ ही यह परियोजना यमुना एक्सप्रेस-वे क्षेत्र को वैश्विक निवेश और रोजगार सृजन का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। आने वाले समय में इन सिटीज के माध्यम से प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।