कानपुर(Kanpur) के पनकी थाना क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है जिसमें दो हिंदू युवतियों को कथित रूप से बंधक बनाकर प्रताड़ित करने और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने के आरोप लगे हैं। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी इरशाद को गिरफ्तार कर लिया है जो मूल रूप से आगरा का रहने वाला बताया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, आरोपी ने सोशल मीडिया पर खुद को “विशाल” बताया और एक युवती से बातचीत कर नजदीकियां बढ़ाई। दोनों के बीच बातचीत आगे बढ़ी और बाद में शादी भी हो गई। लेकिन बाद में महिला को पता चला कि असलियत में जिससे उसने शादी की है वो विशाल नहीं बल्कि आगरा का रहने वाला इरशाद जो मुस्लिम परिवार से है। इस बाद के सामने आने के बाद भी युवती ने समाज की बातें और बेइज्जती के डर से उसके साथ रहने का ही फैसला कर लिया।
प्रताड़ना और दबाव के आरोप
पीड़िता का आरोप है कि शादी के बाद उसे अपने धार्मिक रीति-रिवाजों का पालन करने से रोका गया और उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया। इसके साथ ही उसके बच्चे को उसकी इच्छा के खिलाफ नाम दिया गया था। वहीं पीड़िता का यह भी कहना है कि उसका पति जबरन उसके बेटे का खतना करने की बात कह रहा था। जब वो इस बात का विरोध करती तो उसका परिवार उसके साथ गाली गलौज और मारपीट करता था।
दूसरी युवती से की शादी
मामले में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने एक अन्य युवती से भी शादी की जिससे वह पहले नौकरी के सिलसिले में मिली थी। आरोप है कि दोनों महिलाएं एक ही घर में रह रही थीं और जब पहली पत्नी ने आपत्ति जताई तो उसके साथ मारपीट और बंधक बनाने जैसी घटनाएं हुईं।
पुलिस ने शुरु की कार्रवाई
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकालकर थाने ले आई। पीड़िताओं की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया है और आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई जारी है।
इसके साथ ही जानकारी के मुताबिक, पीड़िताओं में से एक 6 जिससे इरशाद ने तीन साल पहले दूसरी शादी की थी वो 6 महीने की गर्भवती है। वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि ये घर संदिग्ध है जहां से कभी कोई बाहर नहीं निकलता। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जांच करने में जुट गई है।