Wednesday, February 11, 2026
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Indigo Crisis : दिल्ली एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी जारी, सातवें दिन भी करीब 143 उड़ानें रद्द, लापता सामान से भड़के यात्री..

दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। सात दिन बीत चुके हैं, लेकिन अव्यवस्था थमने का नाम नहीं ले रही। सोमवार को कुल 143 उड़ानें रद्द कर दी गईं—जिनमें 83 प्रस्थान और 60 आगमन वाली फ्लाइटें शामिल थीं।हजारों मुसाफिर टर्मिनल पर घंटों लाइन में उलझे रहे—किसी को नई टिकट की जद्दोजहद थी, कोई रिफंड के लिए भटक रहा था, तो कई लोग अपने गुम हुए सूटकेस की तलाश में परेशान घूमते नजर आए।

हार्ट अटैक की आई नौबत

76 वर्षीय आर.एस. चंद्रमोहन कई दिनों से तिरुचिरापल्ली जाने की कोशिश कर रहे हैं। 5 दिसंबर की फ्लाइट कैंसल हुई, 6 और 7 दिसंबर को भी नहीं मिली, और सोमवार को भी यात्रा टल गई। अब उन्हें मंगलवार शाम 6:30 बजे की टिकट दी गई है। वे बताते हैं- “मेरी तबीयत ठीक नहीं रहती-दिल की दिक्कत, हर्निया और जोड़ों में दर्द है। इतनी भागदौड़ से हालत बिगड़ गई। जब इंडिगो से खाने-रहने का खर्च पूछा तो बहसबाजी करने लगे।”

वकील साहब की याचिका लटकी

रक्षा वकील आईजीके चक्रवर्ती (37) को 6 दिसंबर को विशाखापत्तनम पहुंचना था। अब उन्हें मंगलवार सुबह की फ्लाइट मिली है।
होटल लेना संभव नहीं, इसलिए वे और उनका पार्टनर एयरपोर्ट की कुर्सियों पर ही रात काटने को मजबूर हैं। वे कहते हैं-“एक जरूरी बेल पिटिशन दायर करनी थी, लेकिन फ्लाइट रद्द होने से सब गड़बड़ हो गया।”

खतरे में आर्मी अधिकारी की प्रमोशन परीक्षा

मिजोरम से इंफाल जा रहे एक आर्मी ऑफिसर की परेशानी और बढ़ गई।
उन्हें रविवार को इंफाल पहुंचना था, लेकिन अब वे मंगलवार को कोलकाता के रास्ते पहुंच पाएंगे।
उनकी चिंता साफ झलकती है-“बुधवार को प्रमोशन टेस्ट है। अगर ये फ्लाइट भी रद्द हुई तो क्या मेरी नौकरी बचाने की जिम्मेदारी इंडिगो लेगा?”

बच्चों की छुट्टियां बर्बाद, धरा रह गया घूमने का प्लान

रुचि मिश्रा (39) बच्चों के साथ जयपुर घूमने आई थीं।
लेकिन फ्लाइट और होटल, दोनों की बुकिंग कैंसल होने से उनकी पूरी छुट्टियां चौपट हो गईं। मजबूरी में टैक्सी लेकर सीधे रणथंबोर निकल गईं।
वे कहती हैं- “बच्चों और सामान को संभालते हुए रिफंड की लाइन में लगना लगभग असंभव हो गया है।”

टर्मिनल-1 बना ‘लॉस्ट बैगेज ग्राउंड’

टर्मिनल-1 के बाहर का नज़ारा जैसे बिखरे हुए सामान का मेला था। सैकड़ों सूटकेस लाइन में पड़े थे-कुछ लोग अपना बैग ढूंढ पाते ही सुकून का सांस ले रहे थे, पर ज्यादातर अभी भी खाली हाथ थे।

बैंकॉक से लौटे बैग में गहने-घड़ियां गायब

स्मृति अरोड़ा (27) 21 नवंबर को बैंकॉक से लौटीं, लेकिन उनके बैग में से गहने, घड़ियां और जूते गायब मिले और एक सूटकेस आज तक नहीं मिला। वे कहती हैं-“कई ईमेल किए, शिकायतें भेजीं, FIR भी करवाई, लेकिन कोई ठोस जवाब नहीं आया।”

वहीं, चेन्नई से जम्मू जा रहे एक परिवार का कनेक्टिंग फ्लाइट लेट हुई। जम्मू पहुंचने पर पता चला कि उनके दो बड़े सूटकेस गायब हैं।
महिला बताती हैं- “नवजात बच्चे के कपड़े, डायपर, शादी के कपड़े-सब उन्हीं बैग में थे। अब सामान गुम होने से खर्च बढ़ता जा रहा है और फिर से दिल्ली लौटना पड़ा है।”

यह भी पढ़ें : मोहाली में BJP नेता की गाड़ी पर फायरिंग, तलवारों से तोड़ा बोनट…

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