ऑपरेशन सिंदूर के बाद, भारत और पाकिस्तान की नौसेनाएँ अरब सागर में दो दिनों तक अलग-अलग अभ्यास करने जा रही हैं। भारतीय नौसेना के युद्धपोत 11-12 अगस्त को अरब सागर में अभ्यास करेंगे। वहीं, पाकिस्तानी नौसेना ने भी अपने जलक्षेत्र में अभ्यास करने के लिए NOTAM जारी किया है। यह अभ्यास मई में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हुए तनावपूर्ण सैन्य गतिरोध के कुछ महीने बाद हो रहा है।
रक्षा अधिकारियों ने इन अभ्यासों के लिए दोनों नौसेनाओं के बीच किसी प्रत्यक्ष समन्वय का संकेत नहीं दिया है। रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण अरब सागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए ये एक साथ होने वाले अभ्यास बेहद महत्वपूर्ण हैं। भारत और पाकिस्तान की नौसेनाएँ 11-12 अगस्त को एक-दूसरे के समुद्री क्षेत्र के पास अलग-अलग अभ्यास करेंगी। इसके लिए दोनों सेनाओं द्वारा नोटिस टू एयरमेन (NOTAM) जारी किया गया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारतीय नौसेना यह अभ्यास गुजरात के पोरबंदर और ओखा तट पर करेगी। जबकि पाकिस्तानी नौसेना का समुद्री अभ्यास लगभग 60 समुद्री मील की दूरी पर होगा। माना जा रहा है कि भारतीय नौसेना के इस अभ्यास में युद्धपोतों और संभवतः विमानों से लाइव फायरिंग भी शामिल हो सकती है।
बता दें कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। जिसमें पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी ढाँचे को निशाना बनाया गया था। इसके बाद से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है।
पाक के खिलाफ समन्वित हवाई और जमीनी हमले
तीनों सेनाओं के प्रमुखों के बीच समन्वय के कारण ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के विरुद्ध समन्वित हवाई और ज़मीनी हमले हुए। 7-10 मई के बीच, वायु सेना ने पाकिस्तान की महत्वपूर्ण सैन्य संपत्तियों को निशाना बनाया, लड़ाकू विमान, रडार प्रणालियाँ और हवाई हमले की पूर्व चेतावनी देने वाले प्लेटफ़ॉर्म नष्ट कर दिए। साथ ही, थलसेना द्वारा आधुनिक टैंकों और गोला-बारूद की तैनाती ने पाकिस्तानी सैनिकों को नियंत्रण रेखा पर पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। साथ ही, नौसेना की तैनाती ने पाकिस्तानी जहाजों को ग्वादर बंदरगाह पर शरण लेने पर मजबूर कर दिया। इससे भारत का ऑपरेशन सिंदूर पूरी तरह सफल रहा।
