भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान रोहित शर्मा बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के पांचवें और अंतिम टेस्ट में बेंच पर बैठे हुए नजर आएंगे। रोहित शर्मा ने खुद ही इस मैच में न खेलने का निर्णय लिया है, जिसे उन्होंने कोच गौतम गंभीर और चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर को सूचित किया है।
रोहित शर्मा के प्रदर्शन और निर्णय के कारण
रोहित शर्मा का हालिया प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। उन्होंने इस सीरीज में पांच पारियों में केवल 31 रन बनाए हैं, जिसमें उनकी औसत 6.20 है इसके अलावा, पिछले कुछ मैचों में उनकी कप्तानी भी प्रभावी नहीं रही, जिससे उनकी स्थिति पर सवाल उठने लगे हैं।
कप्तानी का जिम्मा
रोहित की अनुपस्थिति में तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह टीम की कप्तानी संभालेंगे। बुमराह ने पहले भी इस सीरीज के पहले टेस्ट में कप्तानी की थी, जिसमें भारत ने जीत हासिल की थी।
भविष्य की अटकलें
रोहित शर्मा के इस फैसले से उनके संन्यास की अटकलें भी तेज हो गई हैं, खासकर उनके हालिया प्रदर्शन को देखते हुए। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा उनके टेस्ट करियर का आखिरी हो सकता है।
इस प्रकार, रोहित शर्मा का सिडनी टेस्ट में न खेलना भारतीय क्रिकेट के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है।

