जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के चतरू क्षेत्र में सुरक्षाबलों द्वारा चलाए अभियान में सात आतंकियों को मार गिराया है। भारतीय सेना की ‘व्हाइट नाइट कॉर्प्स’ ने सोमवार को बताया कि यह संयुक्त ऑपरेशन 326 दिनों तक ऊंचाई वाले दुर्गम इलाकों में लगातार जारी रहा।
बारिश में भी चला अभियान
सेना के अनुसार, ऑपरेशन बेहद कठिन परिस्थितियों में अंजाम दिया गया। किश्तवाड़ के पहाड़ी और घने जंगलों वाले क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड, बारिश और चुनौतीपूर्ण भूगोल के बावजूद सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ ने मजबूत इंटेलिजेंस ग्रिड के आधार पर आतंकियों का पीछा जारी रखा। आखिरकार चतरू इलाके में सभी सात आतंकियों को ढेर कर दिया गया। बता दें कि मारे गए आतंकियों में जैश-ए-मोहम्मद का कमांडर सैफुल्लाह और उसके साथी शामिल थे। ऑपरेशन में एफपीवी ड्रोन, सैटेलाइट इमेजरी और आरपीए/यूएवी जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग किया गया।
जिलों में बदलते रहे ठिकाने
पिछले एक वर्ष में चतरू के जंगलों में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच एक दर्जन से अधिक मुठभेड़ हुईं। दबाव बढ़ने पर आतंकी किश्तवाड़ से डोडा, कठुआ और उधमपुर के बीच अपनी लोकेशन बदलते रहे, लेकिन सुरक्षा बलों ने उनका पीछा नहीं छोड़ा। सेना ने इसे आतंकी नेटवर्क पर बड़ा प्रहार बताया।
‘मिशन मोड’ में सुरक्षा अभियान
7 फरवरी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू में सुरक्षा समीक्षा बैठक कर पहाड़ी इलाकों में छिपे आतंकियों के खिलाफ ‘मिशन मोड’ में कार्रवाई के निर्देश दिए थे। ऑपरेशन की सफलता के बाद सेना ने दोहराया कि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अभियान जारी रहेगा।
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