Delhi Crime: दिल्ली पुलिस की आउटर जिला साइबर टीम ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह लोगों को डराकर उनसे मोटी रकम वसूलता था। ताजा मामले में पश्चिम विहार निवासी एक व्यक्ति से 14.20 लाख रुपये की ठगी की गई थी।
14 लाख 20 हजार की हुई ठगी
पुलिस के अनुसार, पीड़ित सत्यपाल गुप्ता को 21 फरवरी 2026 को व्हाट्सऐप पर कॉल आई, जिसमें कॉलर ने खुद को वरिष्ठ पुलिस अधिकारी बताया। उसने दावा किया कि गुप्ता के नाम से संचालित बैंक खातों का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग में हो रहा है और जल्द ही उनकी गिरफ्तारी हो सकती है। इस धमकी से घबराकर पीड़ित ने आरोपियों द्वारा बताए गए खाते में 14 लाख 20 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में ठगी का एहसास होने पर उन्होंने साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
ठगी की रकम ICICI बैंक अकाउंट में जमा कराई गई
जांच में सामने आया कि ठगी की रकम ICICI बैंक के एक करंट अकाउंट में जमा कराई गई थी, जो ‘रेनुदार सर्विसेज एंड सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड’ के नाम पर खुला था। पुलिस ने 9 मार्च को इस कंपनी के डायरेक्टर सशिंदर राम को कश्मीरी गेट ISBT से गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने अपने दो साथियों के बारे में जानकारी दी।
पुलिस ने आरोपियों को किया गिरफ्तार
इसके बाद पुलिस ने तकनीकी निगरानी और स्थानीय इनपुट के आधार पर कैराना से मोहम्मद कैफ और सहारनपुर से मोनिश को गिरफ्तार किया। जांच में पता चला कि दोनों आरोपी कोटक महिंद्रा बैंक में फर्जी खाते खुलवाने का काम करते थे, जिनका इस्तेमाल ठगी के पैसों के लेनदेन के लिए किया जाता था।
तीन मोबाइल फोन भी बरामद किए गए
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन एंड्रॉयड मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं, जिनमें व्हाट्सएप चैट और अन्य अहम सबूत मिले हैं। साथ ही जांच में यह भी सामने आया है कि जिस बैंक खाते का इस्तेमाल किया गया, उसमें करीब 2.20 करोड़ रुपये के ट्रांजैक्शन हो चुके हैं।
गिरोह के अन्य सदस्यों को पकड़ने का प्रयास जारी
पुलिस का कहना है कि इस गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान कर उन्हें पकड़ने के प्रयास जारी हैं। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि इस तरह के फर्जी कॉल से सावधान रहें और किसी भी दबाव में आकर पैसे ट्रांसफर न करें।
Read More:
यूपी में 6,841 करोड़ की 24 परियोजनाओं को मंजूरी, Noida बना निवेश का केंद्र

