उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिकों की समस्याओं और हालिया प्रदर्शनों पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उद्योग संगठनों और प्रबंधन से समन्वय स्थापित कर 24 घंटे के भीतर श्रमिकों की शिकायतों का समाधान सुनिश्चित किया जाए।
श्रमिकों के अधिकारों पर सख्त रुख
CM योगी ने स्पष्ट कहा कि श्रमिकों के अधिकारों से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि श्रमिकों को सम्मानजनक वेतन दिया जाए। साथ ही, कार्यस्थल पर सुरक्षित वातावरण, स्वच्छ पेयजल, शौचालय, विश्रामगृह, स्वास्थ्य सुविधाएं और सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराना औद्योगिक इकाई की जिम्मेदारी है।
शिकायतों के समाधान के दिए निर्देश
मुख्यमंत्री योगी ने कार्य घंटों के नियमन, महिला श्रमिकों की सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लाभ सुनिश्चित करने पर जोर दिया। श्रम विभाग को निर्देशित किया गया कि वह स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर उद्योगों से नियमित संवाद बनाए रखे, ताकि समस्याओं का समाधान प्रारंभिक स्तर पर ही किया जा सके। CM योगी ने चेतावनी दी कि कुछ बाहरी तत्व खुद को श्रमिक प्रतिनिधि बताकर अव्यवस्था फैलाने की कोशिश करते हैं। ऐसे लोगों की पहचान कर उन्हें प्रक्रिया से बाहर किया जाए।
इन जिलों को विशेष सतर्कता के निर्देश
बैठक में गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, कानपुर, मेरठ, फिरोजाबाद, मुरादाबाद, वाराणसी और गोरखपुर के जिलाधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया। इसके अलावा नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अधिकारियों को भी जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए।
Read More
नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में PM मोदी का बड़ा बयान, संसद रचने जा रही है नया इतिहास

