उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर जापान पहुंच गए हैं। बुधवार को टोक्यो एयरपोर्ट पर यमनाशी प्रांत के उप-राज्यपाल जुनिची इशिदेरा, भारत की राजदूत नागमा एम. मलिक और भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया। यह उनकी पहली आधिकारिक जापान यात्रा है, जिसे भारत-जापान संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
सोशल मीडिया पर साझा किया संदेश
टोक्यो पहुंचते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया पर संदेश साझा करते हुए जापान को “उगते सूरज की नवोन्मेषी भूमि” बताया और उत्तर प्रदेश को निवेश के नए केंद्र के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने कोनोइके ट्रांसपोर्ट कंपनी लिमिटेड के वरिष्ठ अधिकारी शिगेकी तानाबे से मुलाकात कर यूपी में लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउसिंग और मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश संभावनाओं पर चर्चा की। साथ ही मेडिकल डिवाइस पार्क में विनिर्माण इकाई स्थापित करने का आमंत्रण भी दिया।
यूपी की विकास उपलब्धियों का किया जिक्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश के 95% एक्सप्रेसवे यूपी से जुड़े हैं और सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क भी राज्य में है। उन्होंने दावा किया कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश की अर्थव्यवस्था और प्रति व्यक्ति आय लगभग तीन गुना बढ़ी है। भारत के 55% मोबाइल निर्माण का कार्य यूपी में हो रहा है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि वहां जापानी कंपनियों के लिए 500 एकड़ भूमि आरक्षित की गई है।
जापान दौरे के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मैग्लेव ट्रेन में 100 किलोमीटर की यात्रा भी करेंगे, जिसकी अधिकतम गति 600 किमी प्रति घंटा है। माना जा रहा है कि सिंगापुर के बाद जापान यात्रा से औद्योगिक निवेश, रोजगार और तकनीकी सहयोग को नई गति मिलेगी।
Read More


