सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने रविवार को मंडी शहर के कांगणी क्षेत्र में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस नए न्यायिक न्यायालय परिसर की आधारशिला रखी। यह परिसर करीब 120 बीघा भूमि पर विकसित किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गुरमीत सिंह संधावालिया सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
सात ब्लॉकों में विकसित होगा परिसर
नए न्यायिक परिसर में कुल सात ब्लॉक बनाए जाएंगे। इनमें से पांच ब्लॉक न्यायिक कार्यों के लिए और दो ब्लॉक वकीलों के लिए निर्धारित किए गए हैं। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित यह परिसर न्यायिक कार्यप्रणाली को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
बनाया जाएगा डिजिटल रिकॉर्ड रूम
परिसर में एक आधुनिक ऑडिटोरियम, कैंटीन और डिजिटल तकनीक से लैस रिकॉर्ड रूम भी बनाया जाएगा। डिजिटल रिकॉर्ड रूम के जरिए न्यायिक दस्तावेजों को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संरक्षित किया जा सकेगा। इसके अलावा परिसर में सैकड़ों वाहनों के लिए पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था भी की जाएगी।
न्यायिक कार्यों को मिलेगी नई गति
नए न्यायिक परिसर के निर्माण से वकीलों और न्यायिक अधिकारियों को बेहतर कार्य वातावरण मिलेगा। साथ ही आम लोगों को भी एक ही परिसर में न्यायिक सेवाएं अधिक सुविधा के साथ मिल सकेंगी फिलहाल जिला और सत्र न्यायालय का संचालन शहर के पुराने परिसर से हो रहा है, जहां जगह की कमी के कारण कई समस्याएं सामने आती हैं।
विधिक साक्षरता शिविर का भी आयोजन
शिलान्यास समारोह के बाद कांगणी स्थित संस्कृति सदन में एक विधिक साक्षरता शिविर आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में नागरिकों को उनके मौलिक अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम को देखते हुए शहर में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है। बताया गया कि मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत शनिवार देर शाम मंडी पहुंचे थे, जहां मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने उनका स्वागत किया।
Read More

