HomeCurrent Newsचंडीगढ़ पुलिस के बर्खास्त सब-इंस्पेक्टर को कोर्ट से झटका, सामने आई यह...

चंडीगढ़ पुलिस के बर्खास्त सब-इंस्पेक्टर को कोर्ट से झटका, सामने आई यह वजह

एक करोड़ रुपये की लूट के मामले में फंसे चंडीगढ़ पुलिस के बर्खास्त सब-इंस्पेक्टर नवीन फोगाट को अदालत से बड़ा झटका लगा है। फोगाट की ओर से दायर अपील में DSP चरणजीत सिंह विर्क और जांच अधिकारी की मोबाइल टावर लोकेशन व कॉल डिटेल्स मांगी गई थीं, लेकिन जिला अदालत और सेशंस कोर्ट दोनों ने यह याचिका खारिज कर दी।

DSP की कॉल डिटेल देना उचित नहीं

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि इस मामले में DSP की कॉल डिटेल्स या मोबाइल लोकेशन देना न्यायोचित नहीं है। यह जानकारी जांच प्रक्रिया और पुलिस प्रशासन की कार्यवाही को प्रभावित कर सकती है। इससे पहले निचली अदालत ने भी फोगाट की याचिका को निरस्त किया था, जिसके बाद उसने सेशंस कोर्ट में अपील की थी, लेकिन वहां भी उसे राहत नहीं मिली।

थर्ड डिग्री टॉर्चर किया गया

नवीन फोगाट ने अदालत में दावा किया कि दो साल पहले सरेंडर करने के बाद उसे पलसोरा पुलिस चौकी में DSP विर्क और अन्य पुलिसकर्मियों ने बुरी तरह पीटा। उसने कहा कि इस दौरान उसे थर्ड डिग्री टॉर्चर दिया गया और उसके शरीर पर गंभीर चोटें आईं। फोगाट ने अदालत से अनुरोध किया था कि DSP की लोकेशन और कॉल रिकॉर्ड पेश की जाए ताकि यह साबित हो सके कि वह घटना के समय मौके पर मौजूद थे।

एक करोड़ की हुई थी लूट

यह मामला बठिंडा के कारोबारी संजय गोयल की शिकायत पर दर्ज हुआ था। गोयल ने बताया था कि वह दाल के होलसेल बिजनेस से जुड़े हैं और चार अगस्त 2023 को नोट बदलवाने के बहाने एक करोड़ रुपये नकद लेकर एयरोसिटी, मोहाली पहुंचे थे। वहां से कुछ लोग उन्हें सेक्टर-40, चंडीगढ़ लेकर आए और थोड़ी देर इंतजार करने को कहा। इसी दौरान तीन और लोग पहुंचे, जिनमें एक व्यक्ति पुलिस की वर्दी में था। उन्होंने गोयल को धमकाया और नकदी से भरा बैग लेकर फरार हो गए। पीड़ित जब सेक्टर-39 थाना पहुंचा, तो जांच में सामने आया कि लूट में शामिल पुलिस वर्दीधारी व्यक्ति एडिशनल SHO नवीन फोगाट था। इसके बाद पुलिस ने कांस्टेबल शिव कुमार, वरिंदर सिंह और एक प्राइवेट व्यक्ति वजिंदर सिंह गिल को गिरफ्तार किया, जबकि नवीन फोगाट फरार हो गया था।

सबूत जुटाने पर फोकस

पुलिस सूत्रों के अनुसार, फोगाट के खिलाफ गंभीर आरोप तय हो चुके हैं और अब जांच टीम उसके साजिश में शामिल नेटवर्क और पैसे के ट्रेल की जांच कर रही है। अदालत ने साफ किया है कि पुलिस अधिकारियों की कॉल डिटेल्स साझा करने से जांच की गोपनीयता भंग हो सकती है, इसलिए इसे फिलहाल अस्वीकार किया गया है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments