पंजाब में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से डीजीपी गौरव यादव ने आज एक अहम प्रेस वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने जानकारी दी कि राज्यभर में 9 फरवरी की सुबह 8 बजे से ऑपरेशन ‘प्रहार 2.0’ की शुरुआत की जाएगी, जो लगातार 72 घंटे तक चलेगा। इस विशेष अभियान को लेकर पूरी रणनीति और स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) पहले ही तय कर ली गई है।
DGP ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को अलग-अलग जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है और ये अधिकारी पूरे अभियान के दौरान फील्ड में रहकर कार्रवाई की निगरानी करेंगे।
DGP का सख्त संदेश
चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डीजीपी गौरव यादव ने दो टूक कहा कि पंजाब पुलिस का लक्ष्य राज्य को पूरी तरह अपराध और गैंगस्टर नेटवर्क से मुक्त करना है। उन्होंने बताया कि विदेशों में बैठकर पंजाब में आपराधिक गतिविधियों को संचालित करने वाले गैंगस्टरों को भारत लाने की प्रक्रिया केंद्र सरकार के सहयोग से शुरू कर दी गई है।
डीजीपी ने यह भी स्पष्ट किया कि ऑपरेशन के समापन के बाद सीनियर अधिकारियों की कार्यप्रणाली और परफॉर्मेंस की समीक्षा की जाएगी।
उच्च स्तरीय बैठक में बनी ठोस कार्ययोजना
इस अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए पहले ही एक हाई लेवल मीटिंग आयोजित की जा चुकी है, जिसमें स्पेशल डीजीपी, एडीजीपी और आईजीपी स्तर के अधिकारी शामिल हुए। सभी वरिष्ठ अधिकारियों को जिलों की जिम्मेदारी सौंपते हुए निर्देश दिए गए हैं कि वे स्वयं मौके पर मौजूद रहकर कार्रवाई सुनिश्चित करें।
2 हजार टीमें करेंगी कार्रवाई
ऑपरेशन ‘प्रहार 2.0’ का मुख्य फोकस वांछित अपराधियों पर रहेगा। पुलिस ने पहले से ही ऐसे अपराधियों की सूची तैयार कर ली है। इस अभियान में करीब 12 हजार पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे, जिन्हें 2 हजार अलग-अलग टीमों में विभाजित किया गया है। फील्ड ऑपरेशन के दौरान एसएसपी समेत वरिष्ठ अधिकारी संवेदनशील और प्रमुख अपराध स्थलों का स्वयं निरीक्षण करेंगे।
नॉन-कोर ड्यूटी से हटाकर फील्ड में तैनाती
पुलिस बल की उपलब्धता बढ़ाने के लिए नॉन-कोर ड्यूटी में लगे कर्मियों को हटाकर थानों और फील्ड ऑपरेशन में लगाया जाएगा। इसके साथ ही थानों में तैनात कर्मचारियों को वॉकी-टॉकी सिस्टम उपलब्ध कराया जाएगा, जिसके लिए अलग से नीति तैयार की गई है।
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