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केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, 21 राज्यों में राशन की दुकानों पर फिर मिलेगा मिट्टी का तेल

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव अब 32वें दिन में पहुंच चुका है, जिससे वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं और बढ़ गई हैं। इसी बीच आम लोगों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार(Central Government) ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने 30 मार्च को घोषणा की कि दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और गुजरात समेत कुल 21 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में राशन की दुकानों और चुनिंदा पेट्रोल पंपों पर केरोसीन (मिट्टी का तेल) की बिक्री फिर से शुरू की जाएगी। यह कदम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा और LPG सप्लाई में आई बाधाओं को देखते हुए उठाया गया है।

किन राज्यों को मिली अनुमति?

इस फैसले के तहत हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, गोवा, गुजरात, सिक्किम और नागालैंड जैसे राज्यों को शामिल किया गया है। वहीं, केंद्र शासित प्रदेशों में दिल्ली, चंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पुडुचेरी, लक्षद्वीप, दादरा और नगर हवेली व दमन-दीव, साथ ही अंडमान-निकोबार द्वीप समूह को भी इसकी मंजूरी दी गई है।

कितने समय तक मिलेगा केरोसीन?

यह व्यवस्था फिलहाल 60 दिनों के लिए लागू की गई है, जिसकी शुरुआत 29 मार्च से हो चुकी है और अगले आदेश तक जारी रहेगी। इस दौरान राशन की दुकानों पर उपभोक्ताओं को निर्धारित दरों पर केरोसीन उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही, प्रत्येक जिले में अधिकतम दो पेट्रोल पंपों को भी इसकी बिक्री की अनुमति दी गई है, जहां 5000 लीटर तक स्टॉक रखने की छूट होगी।

केंद्र सरकार ने राज्यों को उनके नियमित कोटे के अलावा 48,000 किलोलीटर अतिरिक्त सुपीरियर केरोसीन ऑयल (SKO) भी आवंटित किया है। प्रति परिवार मिलने वाली मात्रा का निर्धारण राज्य सरकारें स्थानीय जरूरत और उपलब्धता के आधार पर करेंगी।

इन बातों का रखना होगा ध्यान

सरकार ने साफ किया है कि केरोसीन का उपयोग केवल खाना पकाने और रोशनी के लिए ही किया जा सकेगा। इसे औद्योगिक या व्यावसायिक कार्यों में इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं होगी। गौरतलब है कि पहले सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत केरोसीन की आपूर्ति धीरे-धीरे कई राज्यों में बंद कर दी गई थी।

अब मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए इसे दोबारा शुरू किया गया है, ताकि लोगों को आवश्यक ऊर्जा जरूरतों में कोई परेशानी न हो। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, देश में ऊर्जा आपूर्ति सुचारू बनाए रखने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं और स्थिति पर पूरी नजर रखी जा रही है।

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